नई दिल्ली
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के विधि संकाय के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की मूट कोर्ट प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है। जामिया की टीम ने लखनऊ के यूनिटी पीजी कॉलेज की ओर से आयोजित 11वीं जस्टिस मुर्तजा हुसैन मेमोरियल मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 में यह उपलब्धि हासिल की। विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
जामिया की विजेता टीम में बीए एलएलबी (ऑनर्स) के तीसरे सेमेस्टर के छात्र मोहम्मद अनस और छात्रा अरिदा हसन शामिल थीं। दोनों ने प्रतियोगिता में स्पीकर की भूमिका निभाई। वहीं, रेहान बेग ने रिसर्चर के रूप में टीम का प्रतिनिधित्व किया।
प्रतियोगिता में देश के प्रतिष्ठित विधि संस्थानों और विश्वविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया। जामिया की टीम ने शुरुआती और अगले दौर के मुकाबलों में अपनी कानूनी समझ, कानूनों की व्याख्या, लिखित पक्ष तैयार करने की क्षमता और प्रभावशाली मौखिक दलीलों का परिचय दिया।
प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला जामिया मिल्लिया इस्लामिया और सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे की टीम के बीच हुआ। जामिया के प्रतिभागियों ने अदालत जैसी कार्यवाही में प्रभावशाली प्रस्तुति, कानूनी सूझबूझ और तर्कपूर्ण दलीलों के दम पर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। इसके साथ ही टीम ने चैंपियनशिप ट्रॉफी और 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार हासिल किया।
विधि संकाय के डीन प्रो. (डॉ.) गुलाम यजदानी ने छात्रों की मेहनत और प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान में दी जाने वाली व्यावहारिक ट्रेनिंग, अकादमिक अनुशासन और प्रभावी वकालत की संस्कृति का प्रमाण है।
प्रो. यजदानी ने विश्वविद्यालय नेतृत्व के सहयोग के प्रति भी आभार जताया। उन्होंने जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रो. महताब आलम रिजवी के मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसा शैक्षणिक माहौल तैयार करने में नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका है, जो छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर देता है।
विधि संकाय ने मोहम्मद अनस, अरिदा हसन और रेहान बेग को इस सफलता पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल कानूनी करियर की कामना की।