आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नार्वे के राजनयिक एरिक सोल्हेम ने बुधवार को पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)को मिली भारी जीत की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि ‘‘पश्चिम भी भारतीय लोकतंत्र की सराहना करे’’।
उन्होंने पश्चिमी मीडिया के कुछ वर्गों की भी आलोचना की, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहे हैं और उनकी नीतियों को ‘‘हिंदू कट्टरपंथ’ के रूप में वर्णित कर रहे हैं।
नार्वे के पूर्व पर्यावरण मंत्री सोल्हेम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार तरीके से किये गए कई पोस्ट में कहा कि ऐसे समय में जब अमेरिका और यूरोपीय लोकतंत्र खतरे में हैं, भारत को प्रेरणा के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि भय के लिए।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के राज्य विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी जीत हुई है। अब समय आ गया है कि पश्चिम भारतीय लोकतंत्र की ताकत को समझे!’’
सोल्हेम ने चुनावों में भारी मतदान को रेखांकित करते हुए कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में भारी जीत हासिल की है।
उन्होंने कहा, ‘‘मतदान असाधारण रूप से बहुत अधिक रहा, 90 प्रतिशत से अधिक, जो यूरोपीय और अमेरिकी चुनावों में सामान्य भागीदारी से कहीं अधिक है।’’
नार्वे के राजदूत ने कहा, ‘‘10.6 करोड़ की आबादी के साथ, पश्चिम बंगाल यूरोपीय संघ के किसी भी देश से कहीं बड़ा है, इसलिए यह मायने रखता है!’’
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और केरल विधानसभा चुनाव में ‘‘आश्चर्यजनक परिणाम’’ आए और तमिलनाडु में ‘‘चौंकाने वाला’’ परिणाम आया।
सोल्हेम ने कहा, ‘‘इस परिणाम से पश्चिमी मीडिया को सोचने पर मजबूर होना चाहिए। वे अक्सर प्रधानमंत्री मोदी को लोकतंत्र के लिए खतरा और उनकी नीतियों को किसी प्रकार का हिंदू कट्टरपंथ बताते हैं। वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत न केवल आकार में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि यह विषयवस्तु के मामले में भी सबसे मजबूत लोकतंत्रों में से एक है क्योंकि यह पश्चिमी प्रभाव से प्रेरित नहीं है बल्कि भारतीय परंपराओं और इतिहास में निहित है।’’
यूरोपीय देश के पूर्व मंत्री ने भाजपा के प्रदर्शन की और प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘जब भाजपा ने 2024 के संसदीय चुनावों में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया था,तब कई पश्चिमी मीडिया ने ऐसा लिखा मानो यह मोदी जी के राजनीतिक अवसान की शुरुआत हो। तब से, भाजपा ने ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार और अब असम और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जीते हैं। क्या शानदार बदला है!’’