बंगाल से इंसानियत की मिसाल: जीत के शोर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जनाजे को दिया रास्ता

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 06-05-2026
A Shining Example of Humanity from Bengal: Making Way for a Funeral Procession Amidst the Roar of Victory. AI Photo
A Shining Example of Humanity from Bengal: Making Way for a Funeral Procession Amidst the Roar of Victory. AI Photo

 

आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर कई ऐसी खबरें आईं जिन्होंने चिंता बढ़ा दी थी। कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और तोड़फोड़ की खबरों से देश के मुसलमानों में एक तरह की बेचैनी महसूस की जा रही थी। लेकिन अब बंगाल से ही एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो न केवल दिल को सुकून देती है बल्कि उन लोगों को करारा जवाब भी है जो नफरत फैलाना चाहते हैं।

जब राजनीति पर भारी पड़ी इंसानियत

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (Twitter) पर अशरफ हुसैन ने एक वीडियो साझा किया है। यह वीडियो उस समय का है जब बीजेपी के युवा कार्यकर्ता जीत का जश्न मना रहे थे। चारों तरफ अबीर-गुलाल उड़ रहा था। डीजे बज रहा था और कार्यकर्ता अपनी पार्टी की कामयाबी के नारे लगा रहे थे। तभी वहां एक मोड़ पर एक मुस्लिम व्यक्ति का जनाजा पहुँच गया।

जैसे ही जनाजा करीब आया वहां का नजारा पूरी तरह बदल गया। जश्न मना रहे लड़कों ने न केवल शोर कम किया बल्कि खुद आगे बढ़कर जनाजे के लिए रास्ता बनाया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि भीड़ के बीच से जनाजा बहुत ही सम्मान के साथ गुजर रहा है। इस दौरान कुछ लोगों ने धार्मिक नारे लगाने की कोशिश भी की लेकिन बाकी साथियों ने उन्हें तुरंत टोक दिया और शांत रहने को कहा।

'ऐसा ही हिंदुस्तान चाहिए'

इस वीडियो को साझा करते हुए अशरफ हुसैन ने लिखा कि जीत-हार अपनी जगह है लेकिन ऐसी चीजें दिल जीत लेती हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि हमें ऐसा ही हिंदुस्तान चाहिए। इस वीडियो को अब तक पौने दो लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। करीब एक हजार से ज्यादा लोगों ने इसे री-ट्वीट किया है। लोग इस सौहार्दपूर्ण तस्वीर की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
डरने की नहीं, सोच बदलने की जरूरत

'आवाज द वॉयस' के प्रधान संपादक आतिर खान ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि बंगाल या असम में बीजेपी की जीत से मुसलमानों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। बीजेपी हो या कोई और पार्टी वह देश के संविधान और कानून से ऊपर नहीं है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि मुसलमानों को अब अपनी राजनीतिक सोच में बदलाव लाने की जरूरत है। अगर हम पुरानी सोच पर ही टिके रहे तो 'विक्टिमहुड सिंड्रोम' यानी हमेशा खुद को पीड़ित मानने की मानसिकता से कभी बाहर नहीं निकल पाएंगे। यह समय घबराने का नहीं बल्कि नई हकीकत को समझकर आगे बढ़ने का है।

 

सोशल मीडिया पर सकारात्मकता की लहर

पिछले पंद्रह सालों में जिस तरह का राजनीतिक माहौल बना है उसमें ऐसी खबरें उम्मीद जगाती हैं। अक्सर सोशल मीडिया पर केवल कड़वाहट वाली चीजें ही वायरल होती हैं। लेकिन बंगाल का यह वीडियो बताता है कि जमीन पर आज भी भाईचारा जिंदा है। जब एक तरफ जश्न का माहौल हो और दूसरी तरफ मातम का तो मानवता का धर्म यही कहता है कि हम एक-दूसरे के गम और खुशी का सम्मान करें।

यह वीडियो उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो धर्म के नाम पर दूरियां पैदा करना चाहते हैं। बंगाल की इस तस्वीर ने साबित कर दिया कि चुनावी नतीजे भले ही किसी के पक्ष में आएं लेकिन आपसी सम्मान की परंपरा को टूटना नहीं चाहिए। यही वह असल हिंदुस्तान है जिसकी कल्पना हर कोई करता है।