आवाज द वाॅयस / अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए NEET प्री-टिब (Unani Medicine) कार्यक्रम में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह प्रवेश प्रक्रिया नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन की ओर से निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित की जा रही है, जो देश में आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के नियमन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाली प्रमुख संस्था है।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया 1 मई से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 30 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को विश्वविद्यालय के आधिकारिक परीक्षा पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन या किसी अन्य माध्यम से किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
NEET प्री-टिब के तहत आयोजित होने वाली अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा 28 जून को ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को तिब्बी (यूनानी चिकित्सा) पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। यह पाठ्यक्रम भारत में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के रूप में लंबे समय से प्रतिष्ठित यूनानी चिकित्सा प्रणाली का हिस्सा है, जिसमें प्राकृतिक उपचार और संतुलित जीवनशैली पर विशेष जोर दिया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता के साथ किया जाएगा, ताकि देशभर के अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली को अपनाने का उद्देश्य न केवल प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाना है, बल्कि इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता की संभावना को भी कम करना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आवेदन करने से पहले पात्रता मानदंड, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। इसके अलावा, आवेदन पत्र भरते समय सभी जानकारियां सही और पूर्ण रूप से दर्ज करना अनिवार्य है, क्योंकि किसी भी प्रकार की त्रुटि भविष्य में आवेदन निरस्त होने का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूनानी चिकित्सा पद्धति में बढ़ती रुचि और वैकल्पिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता के चलते इस तरह के पाठ्यक्रमों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में NEET प्री-टिब जैसे कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए करियर के नए अवसर खोलते हैं, बल्कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को भी सशक्त बनाते हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, जो देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, लंबे समय से यूनानी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। यहां का तिब्बी कॉलेज अपनी गुणवत्ता और अनुसंधान कार्यों के लिए जाना जाता है, जहां देश-विदेश से छात्र शिक्षा प्राप्त करने आते हैं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के करीब सर्वर पर अधिक दबाव बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए अभ्यर्थी समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। इससे न केवल तकनीकी समस्याओं से बचा जा सकेगा, बल्कि आवेदन में किसी प्रकार की जल्दबाजी से होने वाली गलतियों की भी संभावना कम होगी।
इस बीच, छात्रों और अभिभावकों के बीच इस घोषणा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई अभ्यर्थी इसे पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के एक सुनहरे अवसर के रूप में देख रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि छात्र सही दिशा और समर्पण के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं, तो उनके लिए रोजगार और शोध के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
कुल मिलाकर, NEET प्री-टिब 2026–27 के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत ने उन छात्रों के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं, जो यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। अब यह अभ्यर्थियों पर निर्भर करता है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए समय पर आवेदन करें और परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं।