आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने बुधवार को तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) को तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के लिए समर्थन देने की घोषणा की और कहा कि दोनों का नया गठबंधन भविष्य में स्थानीय निकाय, लोकसभा और राज्यसभा चुनावों के लिए भी है।
देश के मुख्य विपक्षी दल ने विजय को यह समर्थन इस शर्त के साथ दिया है कि टीवीके इस गठबंधन से ‘‘सांप्रदायिक ताकतों’’ को दूर रखेगी।
कांग्रेस के टीवीके के साथ जाने के फैसले के साथ ही द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ उसके 22 साल पुराने गठबंधन का पटाक्षेप तय माना जा रहा है। हालांकि कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडानकर ने कहा कि कांग्रेस, द्रमुक के साथ संपर्क में है और एमके स्टालिन की पार्टी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा है।
द्रमुक कांग्रेस पार्टी के सबसे पुराने सहयोगियों में से एक है और दोनों दलों ने पहली बार 1971 में सबसे पहले हाथ मिलाया था जब विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ हुए थे। द्रमुक 2004 से 2013 तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का हिस्सा थी। इसके बाद 2014 में द्रमुक अकेले लड़ी। 2016 में कांग्रेस ने द्रमुक के साथ फिर से गठबंधन किया।
द्रमुक ने टीवीके के साथ जाने के कांग्रेस के कदम को पीठ में छूरा घोंपना करार दिया है।
टीवीके के नेता विजय ने कांग्रेस नेतृत्व को पत्र लिखकर समर्थन का आग्रह किया था, जिसके बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडानकर ने इस पर विचार किया और फिर तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस कमेटी को निर्देशित किया गया कि वह राज्य की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विजय को समर्थन देने के फैसले पर मुहर लगाई गई। इसी बैठक में कन्याकुमारी किल्लियूर विधानसभा क्षेत्र से विधायक एस राजेश कुमार को विधायक दल का नेता भी चुना गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टीवीके के प्रति समर्थन की घोषणा के बाद यहां पार्टी मुख्यालय ‘सत्यमूर्ति भवन’ में जश्न मनाया और पटाखे फोड़े।