IRCTC intensifies crackdown on unauthorised E-catering platforms to safeguard Railway passengers
नई दिल्ली
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चल रही अनधिकृत ई-कैटरिंग वेबसाइटों और मोबाइल एप्लिकेशन की पहचान करने और उनके कामकाज पर रोक लगाने के लिए एक सख्त अभियान शुरू किया है। IRCTC के अनुसार, अनधिकृत ई-कैटरिंग प्लेटफॉर्म का बढ़ना यात्रियों की खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। IRCTC ने बताया कि ऐसे प्लेटफॉर्म अक्सर बिना लाइसेंस वाले फूड आउटलेट्स से खाना लेते हैं, जो 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया' (FSSAI) के नियमों और स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करते हैं। इसके अलावा, ये आउटलेट्स अस्वच्छ परिस्थितियों में काम कर सकते हैं, बिना ट्रेनिंग वाले लोगों से खाना बनवा सकते हैं और बिना जरूरी मेडिकल जांच के डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों को काम पर रख सकते हैं, जिससे खाने की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी चिंताओं के अलावा, ये अनधिकृत प्लेटफॉर्म यात्रियों को डेटा प्राइवेसी, वित्तीय सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े बड़े जोखिमों में भी डालते हैं। इन अनवेरिफाइड प्लेटफॉर्म पर पैसेंजर नेम रिकॉर्ड (PNR) डिटेल, ईमेल एड्रेस, मोबाइल नंबर और पेमेंट से जुड़ी जानकारी साझा करने से यात्री फिशिंग हमलों, पहचान के गलत इस्तेमाल और वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।
यात्रियों को अपना ऑर्डर कैंसिल होने, उसमें देरी होने या खाना न मिलने का भी खतरा रहता है, और अक्सर ऐसे मामलों में कोई प्रभावी कस्टमर सपोर्ट या शिकायत निवारण व्यवस्था नहीं होती है। शिकायत दर्ज करने की कोई औपचारिक प्रणाली न होने के कारण, प्रभावित यात्रियों के लिए अपना पैसा वापस पाना या कानूनी रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। यात्रियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्राइवेसी और वित्तीय हितों की रक्षा के महत्व को समझते हुए, IRCTC ने उन संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की है जो अवैध रूप से ई-कैटरिंग सेवाएं चला रही हैं या अनधिकृत कारोबार करने के लिए IRCTC के ब्रांड और पहचान का गलत इस्तेमाल कर रही हैं।
कॉरपोरेशन ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। अब केवल चेतावनी देने के बजाय, अनधिकृत फूड डिलीवरी और इससे जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। IRCTC ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे ट्रेन यात्रा के दौरान खाना केवल आधिकारिक वेबसाइट, 'फूड ऑन ट्रैक' (Food on Track) मोबाइल एप्लिकेशन, या IRCTC द्वारा अधिकृत ई-कैटरिंग एग्रीगेटर्स और वेंडर्स के जरिए ही बुक करें।
अधिकृत ई-कैटरिंग पार्टनर्स की अपडेटेड लिस्ट IRCTC की आधिकारिक ई-कैटरिंग वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन पर उपलब्ध है। रेलवे परिसर या ट्रेनों में अगर यात्रियों को कोई अनधिकृत (बिना अनुमति वाला) खाद्य विक्रेता या अवैध खाद्य डिलीवरी गतिविधि दिखाई देती है, तो उनसे अनुरोध है कि वे रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हेल्पलाइन नंबर 182 पर कॉल करके इसकी सूचना दें।
IRCTC के अनुसार, अनधिकृत ई-कैटरिंग नेटवर्क के संचालन के गंभीर वित्तीय और विनियामक (regulatory) परिणाम हो सकते हैं। जहाँ IRCTC अपने ई-कैटरिंग राजस्व पर GST का भुगतान करता है, वहीं निर्धारित नियमों के दायरे से बाहर काम करने वाले अनधिकृत ऑपरेटर कर संबंधी कानूनी दायित्वों से बच सकते हैं। ऐसी गतिविधियाँ न केवल निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और नियमों के पालन को नुकसान पहुँचाती हैं, बल्कि इनसे सरकारी खजाने को भी भारी नुकसान हो सकता है।
अपने ई-कैटरिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से, IRCTC ने यात्रियों की सुविधा, विकल्पों और पहुँच के लिए एक मानक स्थापित किया है, जिससे ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों के भोजन करने के अनुभव में बड़ा बदलाव आया है। इस प्लेटफॉर्म की एक मुख्य खूबी यह है कि यहाँ यात्रियों के लिए भोजन के कई तरह के विकल्प मौजूद हैं। क्षेत्रीय व्यंजनों और पारंपरिक भारतीय भोजन से लेकर पिज्जा, बर्गर जैसे लोकप्रिय फास्ट-फूड तक, यह प्लेटफॉर्म हर तरह की पसंद और स्वाद को पूरा करता है। IRCTC ने बताया कि यात्री यात्रा के दौरान जन्मदिन या सालगिरह जैसे मौकों को मनाने के लिए केक और अन्य विशेष खाद्य पदार्थ भी ऑर्डर कर सकते हैं।
IRCTC ने आगे बताया कि भोजन की कीमतें बाजार के अनुसार तय होती हैं, जहाँ हर रेस्तरां पार्टनर अपना मेनू और कीमतें खुद तय करता है। यह लचीला मॉडल यात्रियों को अपनी पसंद, बजट और विशेष जरूरतों के हिसाब से भोजन चुनने की आजादी देता है, जिससे पूरी यात्रा के दौरान उन्हें एक सुविधाजनक और उनकी पसंद के अनुसार भोजन का अनुभव मिलता है।
IRCTC रेल यात्रियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, भरोसेमंद और सुरक्षित कैटरिंग सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे स्वास्थ्य, वित्तीय और डेटा-सुरक्षा से जुड़े संभावित जोखिमों से बचने के लिए केवल IRCTC के आधिकारिक ई-कैटरिंग चैनलों के माध्यम से ही भोजन का ऑर्डर दें।