Infighting within Congress will derail governance and development: Karnataka BJP president
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने शुक्रवार को विभागों के आवंटन को लेकर मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे के बाद राज्य की नवगठित कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल की अंदरूनी कलह शासन और विकास कार्यों को पटरी से उतार देगी।
विजयेंद्र ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि विभागों के बंटवारे के कुछ ही घंटों के भीतर वरिष्ठ कांग्रेस नेता के इस्तीफे ने सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘शिवकुमार भले ही मुख्यमंत्री हों, लेकिन यह सिद्धरमैया का मंत्रिमंडल है। पहला विकेट तो गिर ही गया है।’’
बेंगलुरु विकास विभाग देने के आश्वासन को पूरा नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए मंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा करने वाले रामलिंगा रेड्डी का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार में पहले ही सत्ता संघर्ष शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘शिवकुमार सरकार दो साल भी नहीं चलेगी। पहले ही इस बात को लेकर खींचतान शुरू हो गई है कि किसे कौन-सा विभाग मिले और किसे किस जिले का प्रभार दिया जाए। इसी अंदरूनी कलह के बीच आज रेड्डी ने खुद इस्तीफा दे दिया है।’’
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर चल रही यह खींचतान शासन व्यवस्था की कीमत पर हो रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘डी. के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार से राज्य के विकास की उम्मीद करना असंभव है। वे जनता के विश्वास और उम्मीदों के साथ विश्वासघात करने में लगे हुए हैं।’’
यह दावा करते हुए कि लोग कांग्रेस सरकार से निराश हो चुके हैं, उन्होंने कहा, ‘‘राज्य की जनता चाहती है कि इस गरीब-विरोधी और जनविरोधी कांग्रेस सरकार को हटाया जाए। वे चाहते हैं कि भाजपा की सरकार सत्ता में आए।’’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भविष्यवाणी की कि कांग्रेस नेतृत्व अपने आंतरिक विवादों में ही उलझा रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर इससे पहले ही मध्यावधि चुनाव हो जाएं तो भी कोई हैरानी की बात नहीं होगी।’’
इस बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि कर्नाटक में गुटबाजी कांग्रेस की पहचान बन गई है।