आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने अमेरिका के कुछ हिस्सों में भारत के खिलाफ घृणा की बढ़ती घटनाओं के बीच समुदाय के लोगों से चुनाव लड़ने और सार्वजनिक जीवन में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है ताकि उनकी आवाज सुनी जाए।
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने ‘फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज’ (एफआईआईडीएस) द्वारा मंगलवार को ‘कैपिटल हिल’ (अमेरिकी संसद परिसर) में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय-अमेरिकी देश के सबसे शिक्षित और समृद्ध समुदायों में शामिल होने के बावजूद ‘‘नयी चुनौतियों’’ का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने समुदाय के लोगों से राजनीतिक प्रक्रिया में अधिक भागीदारी करने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘हिंदू-विरोधी, भारत-विरोधी और देसी-विरोधी घृणा बढ़ रही है।’’
इलिनॉय से सांसद कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘अब पहले से कहीं अधिक सक्रिय होने का समय है। आपको अपनी आवाज उठानी होगी, खुलकर बोलना होगा और आगे आना होगा। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपकी आवाज हर जगह सुनी जाए।’’
कृष्णमूर्ति ने भारतीय-अमेरिकियों को राजनीतिक दल से जुड़ाव की परवाह किए बिना हर स्तर पर चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि आप चुनाव लड़ने के बारे में सोचें, भले ही वह नगर परिषद का चुनाव हो। आप रिपब्लिकन हैं, डेमोक्रेट हैं या निर्दलीय, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।’’
कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘वाशिंगटन डीसी में एक पुरानी कहावत है कि यदि निर्णय लेने की मेज पर आपके लिए जगह नहीं है तो आप खुद निशाने पर हैं। आपमें से कोई भी हमारे परिवार और हमारे हित निशाने पर रहने का जोखिम नहीं उठा सकते।’’
सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने भी ऐसी ही राय व्यक्त करते हुए कहा कि समुदाय के सामने मौजूद समस्याओं से निपटने का सबसे अच्छा तरीका निर्णय लेने वाली संस्थाओं में उसका प्रतिनिधित्व होना है।
सांसद श्री थानेदार ने कहा कि देश में प्रवासियों के खिलाफ घृणा बढ़ रही है। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए भारतीय समुदाय से एकजुट रहने की अपील की।
कैनसस से रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर रोजर मार्शल ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते से दोनों देशों, विशेष रूप से उनके गृह राज्य के किसानों को लाभ होगा।