नेपाल की बाढ़ पर भारत का बड़ा भरोसा, शिवराज बोले, मदद में नहीं छोड़ेंगे कसर

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 28-08-2026
India stands firmly with Nepal amidst the floods; Shivraj says no effort will be spared in providing assistance.
India stands firmly with Nepal amidst the floods; Shivraj says no effort will be spared in providing assistance.

 

नई दिल्ली,

: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच भारत ने पड़ोसी देश को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर मदद के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। भारत राहत और बचाव अभियान में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है।

नेपाल में प्राकृतिक आपदा से पैदा हुए हालात पर चिंता जताते हुए चौहान ने कहा कि जब भी क्षेत्र में कोई प्राकृतिक आपदा आती है, भारत सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के अपने समकक्ष से तुरंत बात की और भारत की ओर से हरसंभव सहायता भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल राहत अभियान की सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक मानवीय सहायता पहुंचाना है।

चौहान ने कहा, “हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता लापता भाई-बहनों का पता लगाना और नेपाल में प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराना है। भारत कोई कसर नहीं छोड़ेगा।”

नेपाल में फंसे 63 भारतीय नागरिकों को बचाया गया

इस बीच विदेश मंत्रालय ने नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच बचाए गए 63 भारतीय नागरिकों के नाम जारी किए हैं। ये सभी नागरिक नेपाल में त्रिशूली-1 परियोजना में काम कर रहे थे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बचाए गए भारतीय नागरिकों के नाम साझा करते हुए कहा कि नेपाल में भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया के संबंध में यह ताजा अपडेट है।

त्रिशूली-1 परियोजना के आसपास अचानक आई बाढ़ और तेज बहाव के कारण हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो गए थे। ऐसे में भारतीय नागरिकों का सुरक्षित बचाया जाना राहत और बचाव अभियान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

नेपाल में 389 शव बरामद, 977 लोग अब भी लापता

नेपाल में बाढ़ की तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 389 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 977 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) की गुरुवार को जारी ताजा स्थिति रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये आंकड़े रसुवा जिला प्रशासन कार्यालय के साथ-साथ जिला और राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किए गए हैं।

भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ के बाद कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। बड़ी संख्या में लोग लापता हैं और उनके परिजनों को सुरक्षित वापसी का इंतजार है।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल की मौजूदा आपदा के बीच भारत की ओर से सामने आया यह समर्थन दोनों पड़ोसी देशों के बीच मानवीय सहयोग को रेखांकित करता है। भारत पहले भी नेपाल समेत पड़ोसी देशों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव अभियानों में सहायता करता रहा है।

शिवराज सिंह चौहान के बयान से साफ है कि भारत का तत्काल ध्यान राजनीतिक या दूसरे मुद्दों से हटकर मानवीय राहत, बचाव और लापता लोगों की तलाश पर है। भारत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नेपाल को इस मुश्किल घड़ी में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत के मुताबिक हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

स्रोत: ANI