अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ को अवसर में बदले भारत: आरएसएस नेता रामलाल

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 31-08-2025
India should turn America's 50 percent tariff into an opportunity: RSS official Ramlal
India should turn America's 50 percent tariff into an opportunity: RSS official Ramlal

 

नई दिल्ली

आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी रामलाल ने रविवार को भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती से आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ जैसे चुनौतीपूर्ण फैसले को भारत एक अवसर में बदल सकता है और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

‘भारत ग्लोबल इंडस्ट्री फोरम’ (BGIF) के तत्वावधान में भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत को वैश्विक औद्योगिक हब बनाने’ पर केंद्रित सम्मेलन को संबोधित करते हुए रामलाल ने कहा कि भारत ने पहले भी इस तरह के प्रतिबंधों का सामना किया है — जैसे 1998 में परमाणु परीक्षण के बाद।

उन्होंने उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा, ‘‘तब भी भारत ने डटकर मुकाबला किया था। वाजपेयी जी ने कहा था कि भारत वो देश है जो घास की रोटी खाकर भी लड़ सकता है। प्रतिबंधों का कोई असर नहीं पड़ेगा।’’

रामलाल ने कहा, ‘‘हम अडिग रहे और प्रतिबंध हटा लिए गए। भारत प्रगति के पथ पर चलता रहा।’’

वर्तमान में अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह रहा कि यह टैरिफ युद्ध कितना चलेगा, लेकिन अगर भारत आत्मविश्वास के साथ खड़ा होता है, तो यह चुनौती एक अवसर बन सकती है। यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसे डर के रूप में देखें या अवसर के रूप में।’’

उन्होंने सरकार, उद्योग संगठनों और आम नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस चुनौती का आत्मविश्वास से सामना करें। ‘‘जब ये तीनों एक दिशा में सोचते हैं, तभी प्रगति होती है।’’

रामलाल ने रामायण के एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘भारत हनुमान जी का देश है, जो अपनी शक्ति को याद दिलाए जाने पर समुद्र पार कर गए। भारत डरने वाला देश नहीं है, हम चुनौतियों में अवसर तलाशते हैं और अवसर को संकल्प में बदलते हैं।’’

उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि अगर दुनिया में चौथी औद्योगिक क्रांति होती है तो भारत उसका नेतृत्व करेगा। ‘‘दुनिया मानती है कि भारत आज सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है।’’

स्वदेशी अपनाने और नीति सुधारों की जरूरत पर बल

रामलाल ने स्वदेशी उत्पादों के प्रोत्साहन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की अपील की। साथ ही, सरकार से उद्योग हितैषी नीतियां बनाने की बात कही ताकि देश में उद्योगों का विकास हो, निर्यात बढ़े और आयात में कमी आए।

उन्होंने कहा कि कई राज्य जैसे बंगाल और पूर्वोत्तर औद्योगिक विकास से अब तक वंचित हैं। ‘‘वहां निवेशक सम्मेलन होते हैं, एमओयू पर हस्ताक्षर होते हैं, लेकिन उद्योग नहीं लगते। क्योंकि उद्योग वहीं लगते हैं जहां शांति, कानून-व्यवस्था और स्थिरता होती है।’’

उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले कश्मीर घाटी में उद्योग नहीं आते थे, लेकिन अब माहौल सुधरने पर वहां उद्योग लगाने की सोच बन रही है।अंत में उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमारा देश अच्छी तरह चलेगा, तो उद्योग भी अच्छी तरह चलेंगे।’’