नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जकार्ता यात्रा के दौरान घोषणा की कि भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा। इस कदम से दोनों देशों के बीच सीमा-पार पेमेंट आसान होने और व्यापार, पर्यटन व बिज़नेस को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पीएम मोदी की इस घोषणा की जानकारी दी। इससे पहले आज, द्विपक्षीय बातचीत के बाद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त बयान देते हुए पीएम मोदी ने कहा, "भारत का UPI इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम के साथ जुड़ेगा। इससे 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' (व्यापार करने में आसानी) और यात्रा करने में आसानी, दोनों को बढ़ावा मिलेगा।"
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने भी पुष्टि की कि दोनों देश सीमा-पार QR पेमेंट लिंक स्थापित करने पर काम करेंगे। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, डिजिटल और वित्तीय तकनीक, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने 'इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क' (ION) की शुरुआत का भी स्वागत किया, जो भारत के 'ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स' (ONDC) पर आधारित है और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में गहरे सहयोग को दर्शाता है।
UPI के इस एकीकरण से दोनों देशों के यूज़र्स आसानी से डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे, जिससे कैश पर निर्भरता कम होगी और यात्रियों व बिज़नेस के लिए लेन-देन सरल हो जाएगा। इससे पेमेंट को तेज़ और सुविधाजनक बनाकर सीमा-पार व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UPI के विस्तार के लिए भारत के बढ़ते प्रयासों का हिस्सा है। यह पेमेंट प्लेटफॉर्म पहले से ही सिंगापुर, UAE, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया और ग्रीस जैसे देशों में काम कर रहा है, जिससे भारतीय यूज़र्स मर्चेंट पेमेंट कर सकते हैं और कुछ बाज़ारों में UPI-लिंक्ड ऐप्स का इस्तेमाल करके सीधे पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पर सहयोग के लिए 23 देशों के साथ MoU या समझौते किए हैं, जबकि UPI पहले से ही सिंगापुर, UAE, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में चालू है। मंत्रालय ने कहा है कि UPI को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज़ी से अपनाए जाने से ग्लोबल डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में भारत की स्थिति मज़बूत हो रही है।
इंडोनेशिया के साथ इस एकीकरण से दोनों देशों के बीच डिजिटल आर्थिक सहयोग और गहरा होने की उम्मीद है, साथ ही UPI को विश्व स्तर पर स्वीकार्य पेमेंट प्लेटफॉर्म बनाने के भारत के व्यापक प्रयासों को भी समर्थन मिलेगा। इस पहल से व्यवसायों, पर्यटकों और भारतीय प्रवासियों को भी फ़ायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे सीमा-पार लेन-देन आसान और ज़्यादा कुशल हो जाएगा।