India-EU FTA will give Indian auto component companies better access to European markets: ICRA
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) एफटीए से दोनों पक्षों के बीच प्रतिस्पर्धी गतिशीलता और बाजार पहुंच के फिर से परिभाषित होने की उम्मीद है। रेटिंग एजेंसी इक्रा की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
इसके मुताबिक, मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से भारतीय वाहन और कलपुर्जा निर्यात के लिए यूरोपीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे इस क्षेत्र की दीर्घकालिक वृद्धि संभावनाओं को मदद मिलेगी।
रिपोर्ट में कहा गया कि इससे ‘प्रीमियम’ वाहनों के आयात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, लेकिन व्यापक बाजार में इसका असर सीमित रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय संघ में बने वाहनों (सीबीयू) पर शुल्क में भारी कटौती होने की उम्मीद है, जो एक निश्चित कोटा के तहत 15,000 यूरो प्रति वाहन से ऊपर की आयात कीमत पर 110 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत तक आ सकता है। इससे भारत का कार बाजार यूरोपीय मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के लिए खुल जाएगा।
रिपोर्ट में बताया गया कि कम शुल्क से बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, ऑडी और पोर्श जैसे यूरोपीय ब्रांड के लिए पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे भारत के तेजी से विस्तार करते वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण और वृद्धि के नए अवसर मिलेंगे।