आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने अपने लिए 2047 तक विकसित भारत बनने से लेकर महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियानों तक साहसिक लक्ष्य निर्धारित किए हैं। उन्होंने जोर दिया कि इन आकांक्षाओं को साकार करना नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
‘नेशनल बुक ट्रस्ट’ द्वारा पणजी में आयोजित गोवा पुस्तक महोत्सव 2026 के दौरान छात्रों से बातचीत करते हुए भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन और उसकी तैयारियों से जुड़े कई किस्से साझा किए।
शुक्ला ने कहा, ‘‘भारत ने 2047 तक विकसित भारत बनने से लेकर अंतरिक्ष अभियानों तक बहुत साहसिक लक्ष्य निर्धारित किए हैं। लेकिन हम इन्हें कैसे हासिल कर पाएंगे? हम सभी को इन्हें संभव बनाना होगा।’’
साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी को यह जिम्मेदारी निभानी होगी।”
शुक्ला ने कहा कि भारत पहले से ही गगनयान मिशन पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसके बाद चंद्रमा के लिए अभियान होगा।’’
गगनयान परियोजना एक महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम है जिसके तहत तीन सदस्यीय दल को 400 किलोमीटर की कक्षा में तीन दिवसीय अभियान पर भेजा जाएगा।
छात्रों का जिक्र करते हुए शुक्ला ने कहा कि वह उनमें से किसी एक को चंद्रमा पर कदम रखने वाला पहला भारतीय बनते देखना चाहते हैं, चाहे वह लड़का हो या लड़की।