पुणे में कश्मीर टूरिज्म के भविष्य पर मंथन, नए अवसरों और नीतियों पर फोकस

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 06-02-2026
A brainstorming session on the future of Kashmir tourism was held in Pune, focusing on new opportunities and policies.
A brainstorming session on the future of Kashmir tourism was held in Pune, focusing on new opportunities and policies.

 

आवाज़ द वाॅयस/ पुणे

पुणे में कश्मीर टूरिज्म के भविष्य को लेकर एक अहम और दूरदर्शी मंथन देखने को मिला, जहां कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र में उभरते नए अवसरों, बदलती नीतियों और आने वाले समय में इस सेक्टर की अपार संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस उद्देश्य से पुणे में “टूरिज्म आउटलुक एंड फ्यूचर कश्मीर” नामक एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने शहर के पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का खासा ध्यान खींचा। यह कार्यक्रम टूरिस्ट ट्रेड इंटरेस्ट गिल्ड (TTIG) की ओर से शिवाजीनगर में आयोजित किया गया था, जिसमें पुणे की टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े सत्तर से अधिक टूर एंड ट्रेवल्स ऑपरेटर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें कश्मीर से आए टूरिज्म सेक्टर के अनुभवी और प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों ने सीधे तौर पर पुणे के कारोबारियों से संवाद किया। इस प्रतिनिधिमंडल में टूरिस्ट ट्रेड इंटरेस्ट गिल्ड के चेयरमैन जहूर अहमद करनाई, वाइस चेयरमैन बशीर अहमद करनाई, सीनियर फाउंडर मेंबर मोहम्मद अकरम सियाह, मोहम्मद शफी वांगणू, मोमिन वानी और मंज़ूर पख्तून जैसे नाम शामिल थे।

इन सभी दिग्गजों ने कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, हाल के वर्षों में आए सकारात्मक बदलावों और भविष्य की योजनाओं पर तफसील से रोशनी डाली।

dकार्यक्रम के दौरान कश्मीर में लागू की गई नई टूरिज्म पॉलिसियों पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि सरकार और टूरिज्म से जुड़े संस्थान मिलकर कश्मीर को एक सुरक्षित, आधुनिक और पर्यटकों के अनुकूल डेस्टिनेशन बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

सैलानियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके तहत मजबूत सुरक्षा इंतजाम, बेहतर ट्रैवल मैनेजमेंट और आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। साथ ही, कनेक्टिविटी, होटल इंडस्ट्री और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि कश्मीर में पारंपरिक पर्यटन स्थलों के अलावा नए टूरिज्म सर्किट विकसित किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को नए अनुभव मिल सकें और पर्यटन का लाभ दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुंचे।

एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में ट्रैकिंग, स्कीइंग, रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा, हनीमून टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में भी कश्मीर के पास अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए TTIG के चेयरमैन जहूर अहमद करनाई ने भावुक और प्रेरक शब्दों में कहा कि कश्मीर सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का अनमोल हिस्सा है। उन्होंने कहा, “कश्मीर हम सबका है।

यह भारत का ताज है, जिसे कुदरत ने बेमिसाल खूबसूरती से नवाज़ा है। यहां की नदियां, बर्फ से ढके पहाड़, हरी-भरी घाटियां, ऐतिहासिक स्थल, समृद्ध तहजीब और लज़ीज़ पकवान हर हिंदुस्तानी को अपनी ओर खींचते हैं। हर भारतीय को जीवन में कम से कम एक बार कश्मीर जरूर देखना चाहिए।”

उन्होंने आगे बताया कि पुणे और पूरे महाराष्ट्र से हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर का रुख कर रहे हैं और इस साल इस संख्या में और इज़ाफे की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पुणे के सैलानियों के स्वागत के लिए कश्मीर पूरी तरह तैयार है और उनके लिए खास इंतजाम किए गए हैं, ताकि वे वहां खुद को सुरक्षित, सहज और सम्मानित महसूस करें।

इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि इसके माध्यम से पुणे के टूरिज्म कारोबारियों और कश्मीर के प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की जरूरतों, चुनौतियों और संभावनाओं को समझा और भविष्य में आपसी सहयोग को और मजबूत करने का भरोसा जताया। पुणे के ट्रैवल ऑपरेटर्स ने भी माना कि इस तरह की पहलें न सिर्फ कश्मीर टूरिज्म को बढ़ावा देंगी, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच कारोबारी और सांस्कृतिक रिश्तों को भी मजबूत करेंगी।

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कुल मिलाकर, “टूरिज्म आउटलुक एंड फ्यूचर कश्मीर” कार्यक्रम न केवल कश्मीर के पर्यटन भविष्य को लेकर आशावाद पैदा करने वाला साबित हुआ, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि सही नीतियों, बेहतर संवाद और आपसी सहयोग के ज़रिये कश्मीर टूरिज्म को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। पुणे में हुआ यह मंथन आने वाले समय में कश्मीर और महाराष्ट्र के पर्यटन संबंधों के लिए एक मजबूत आधार बनता नजर आया।