नई दिल्ली
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म CBRE के एक सर्वे के अनुसार, कमर्शियल प्रॉपर्टी के सभी सेग्मेंट्स में मज़बूत मांग और रियल एस्टेट से मिलने वाले ज़्यादा रिटर्न (यील्ड) की वजह से भारत में ग्लोबल निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। इस सर्वे के मुताबिक, भारत एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में सबसे ज़्यादा रिटर्न देने वाले रियल एस्टेट बाज़ार के तौर पर उभर रहा है। CBRE के Q1 2026 एशिया-पैसिफिक कैप रेट सर्वे से पता चला है कि भारत ने ऑफिस, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, होटल और स्टूडेंट हाउसिंग जैसे सभी बड़े एसेट क्लास में सबसे ज़्यादा रियल एस्टेट रिटर्न दर्ज किया है। इसकी मुख्य वजह कमर्शियल मांग में बढ़ोतरी, कॉर्पोरेट गतिविधियों का विस्तार और संस्थागत निवेश में इज़ाफ़ा है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही के दौरान भारत में रियल एस्टेट निवेश की मात्रा में साल-दर-साल 189 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। सिंगापुर के बाद एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में यह दूसरी सबसे ज़्यादा विकास दर है। CBRE के चेयरमैन और CEO अंशुमान मैगज़ीन ने कहा, "हम सभी सेक्टर्स में एक वास्तविक और व्यापक मांग देख रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह भारत की मज़बूत आर्थिक बुनियाद, बढ़ता हुआ कॉर्पोरेट आधार और एक युवा, उपभोग-प्रधान आबादी है।"
उन्होंने आगे कहा, "जो ग्लोबल निवेशक अब तक सतर्क थे, वे अब यहां पूंजी लगाने के लिए सक्रिय रूप से मौके तलाश रहे हैं। हमें उम्मीद है कि जैसे-जैसे बाज़ार में और ज़्यादा 'इंस्टीट्यूशनल-ग्रेड' (उच्च गुणवत्ता वाले) प्रोडक्ट्स आएंगे, यह गति और भी तेज़ होगी।"
सर्वे के अनुसार, भारत के मुख्य कारोबारी इलाकों में 'ग्रेड A' ऑफिस के कैप रेट 7.50 प्रतिशत से 8.40 प्रतिशत के बीच रहे, जो सिंगापुर, टोक्यो और सियोल की तुलना में काफी ज़्यादा हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत के स्टूडेंट हाउसिंग सेग्मेंट में 8.50-9.00 प्रतिशत का रिटर्न मिला, जबकि 'इंस्टीट्यूशनल-ग्रेड' लॉजिस्टिक्स एसेट्स का कैप रेट 7.15-7.75 प्रतिशत दर्ज किया गया। सर्वे में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया है कि निवेश में हो रही इस बढ़ोतरी को घरेलू संस्थाओं, 'फ़ैमिली ऑफ़िस' और ग्लोबल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से बल मिल रहा है। ये निवेशक सीधे अधिग्रहण, REITs और 'स्ट्रक्चर्ड डेट इंस्ट्रूमेंट्स' के ज़रिए निवेश कर रहे हैं।
CBRE की CFA एडा चोई ने कहा, "भारत के रियल एस्टेट रिटर्न (यील्ड) की कहानी इस समय इसलिए इतनी आकर्षक है, क्योंकि यह सिर्फ़ रिटर्न पर ही आधारित नहीं है, बल्कि इसे मज़बूत 'ऑक्यूपायर फंडामेंटल्स' (किरायेदारों से जुड़ी मज़बूत बुनियादी स्थितियों) का भी पूरा समर्थन प्राप्त है।"
उन्होंने आगे कहा, "भारत में मिलने वाले अतिरिक्त रिटर्न (यील्ड प्रीमियम), निवेश की मात्रा में हो रही बढ़ोतरी और मांग की मज़बूत व स्थिर गति का यह अनूठा मेल इसे इस क्षेत्र में रियल एस्टेट निवेश के लिए सबसे आकर्षक जगहों में से एक बनाता है।" रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) में बढ़ोतरी, इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और घरेलू खपत में वृद्धि, ऑफिस, लॉजिस्टिक्स, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी रियल एस्टेट सेगमेंट्स में लंबी अवधि की मांग को बढ़ावा दे रहे हैं।