Increased productivity may lead to further reduction in NPAs in agriculture sector: NABARD Chairman
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नाबार्ड के चेयरमैन शाजी कृष्णन वी ने बृहस्पतिवार को कहा कि कृषि क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) काफी कम हुई हैं और फसल उत्पादकता बढ़ाने के साथ ऋण सुविधा में सुधार से इसमें और कमी लाई जा सकती है।
यहां वैश्विक वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) सम्मेलन में उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में एनपीए एक समय दोहरे अंक में था, जो अब घटकर एकल अंक यानी 10 प्रतिशत से नीचे आ गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘उत्पादकता बढ़ने से इसमें और सुधार हो सकता है और ऐसा होना जरूरी है। इससे किसानों की कर्ज चुकाने की क्षमता बढ़ेगी। इसके बाद हमें बीमा और ऋण सहायता की जरूरत होगी... हम इन्हीं क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं।’’
कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर करीब 3.5 प्रतिशत रहने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के चेयरमैन ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इसमें तेजी लाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत को बहुत तेजी से आगे बढ़ना है और सरकार का लक्ष्य विकसित भारत है, तो समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ना होगा। अन्यथा किसी न किसी तरह का अंतर पैदा होगा।’’