लखनऊ।
भारत सरकार के महत्वाकांक्षी ‘डी-रेगुलेशन 1.0’ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि राज्य ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और निवेश के अनुकूल बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसके चलते उसे यह शीर्ष रैंकिंग प्राप्त हुई।
बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किए गए निरंतर और ठोस प्रयास अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को “उत्तम प्रदेश” के रूप में स्थापित करना है और ‘डी-रेगुलेशन 1.0’ में मिली यह उपलब्धि उसी दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। इससे न केवल राज्य की कारोबारी छवि को मजबूती मिली है, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।
केंद्र सरकार की ओर से ‘डी-रेगुलेशन 1.0’ कार्यक्रम के तहत देशभर में व्यापार और उद्योग से जुड़े नियमों को आसान बनाने के लिए 23 प्रमुख प्राथमिक सुधार क्षेत्रों को चिन्हित किया गया था। इन सुधारों का उद्देश्य लाइसेंस, अनुमतियों और अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाना, अनावश्यक नियमों को समाप्त करना और उद्यमियों को सुगम कारोबारी माहौल उपलब्ध कराना है।
आधिकारिक बयान में बताया गया कि उत्तर प्रदेश इन सभी 23 सुधारों को पूरी तरह लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इन्हीं सुधारों के प्रभावी, समग्र और समयबद्ध क्रियान्वयन के आधार पर राज्य को यह शीर्ष स्थान दिया गया है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करती है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि इन सुधारों से न केवल उद्योगों की स्थापना और विस्तार में तेजी आएगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। व्यापारिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ने से भ्रष्टाचार में कमी आएगी और छोटे व मध्यम उद्यमों को भी लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, ‘डी-रेगुलेशन 1.0’ में पहला स्थान प्राप्त करना उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे राज्य में घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में शामिल करने की दिशा में नई गति मिलेगी।






.png)