बांग्लादेश से अवैध आव्रजन अब भी गंभीर चिंता का विषय: संसदीय समिति

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 31-07-2026
Illegal immigration from Bangladesh still a matter of serious concern: Parliamentary committee
Illegal immigration from Bangladesh still a matter of serious concern: Parliamentary committee

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
संसद की एक स्थायी समिति ने कहा है कि बांग्लादेश से अवैध आव्रजन अब भी ‘‘गंभीर चिंता’’ का विषय बना हुआ है। समिति ने सुझाव दिया है कि दोनों देशों के बीच नागरिकता सत्यापन और प्रत्यावर्तन (वापसी) की प्रगति की निगरानी के लिए एक ‘‘समर्पित द्विपक्षीय तंत्र’’ या संयुक्त कार्य समूह बनाया जाना चाहिए।

समिति ने यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार सतर्कता की जरूरत रेखांकित की है कि किसी भारतीय नागरिक को गलती से बांग्लादेश निर्वासित न किया जाए।
 
कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने बृहस्पतिवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में यह बात कही। रिपोर्ट का शीर्षक है- ‘‘भारत-बांग्लादेश संबंधों के भविष्य के विषय पर समिति की नौवीं रिपोर्ट में शामिल टिप्पणियों/सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई’’।
 
समिति ने कहा कि बांग्लादेश से अवैध आव्रजन ‘‘विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और असम जैसे सीमावर्ती राज्यों में गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।’’
 
समिति ने कहा कि वह इस बात से अवगत है कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान, पता लगाने और निर्वासन की जिम्मेदारी विदेशी अधिनियम, 1946 (अब आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025) के तहत गृह मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आती है। हालांकि, भारत में हिरासत में लिए गए बांग्लादेशी नागरिकों की नागरिकता सत्यापन और वापसी की प्रक्रिया में विदेश मंत्रालय की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
 
रिपोर्ट में समिति ने बताया कि वर्तमान में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के 2,369 मामले बांग्लादेश सरकार द्वारा नागरिकता सत्यापन के लिए लंबित हैं।
 
समिति ने सिफारिश की कि भारत और बांग्लादेश के बीच नागरिकता सत्यापन और प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष द्विपक्षीय तंत्र या संयुक्त कार्य समूह बनाया जाए। समिति ने उम्मीद जताई कि इससे सत्यापन प्रक्रिया में तेजी आएगी।
 
साथ ही समिति ने यह भी कहा कि हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों के साथ मानवीय व्यवहार और उचित कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, अवैध आव्रजन रोकने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा उपायों को भी मजबूत बनाए रखा जाना चाहिए।
 
समिति ने अपनी रिपोर्ट में बांग्लादेश के माध्यम से भारत में विशेष रूप से कपड़ों जैसे चीनी सामान की कथित डंपिंग पर भी चिंता जताई है। समिति ने कहा कि यह बांग्लादेश को दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र (साफ्टा) के तहत मिले तरजीही बाजार पहुंच प्रावधानों की आड़ में हो रहा है।
 
समिति ने कहा कि ऐसी गतिविधियां निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करती हैं, भारत के विनिर्माण क्षेत्र को नुकसान पहुंचाती हैं और घरेलू उद्योग के लिए असमान स्थिति पैदा करती हैं।