आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अभिनेत्री श्वेता मेनन ने बुधवार को एएमएमए की अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उन्होंने अपने आत्मसम्मान को प्राथमिकता दी और पद इसलिए छोड़ा क्योंकि वह किसी की ‘कठपुतली’ बनने को तैयार नहीं थीं।
‘मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन’ (एएमएमए) की अध्यक्ष श्वेता मेनन और 17 सदस्यीय कार्यकारी समिति ने संगठन की वार्षिक आम सभा की बैठक के दौरान हुए नाटकीय घटनाक्रम और तीखी बहसों के बाद 21 जून को इस्तीफा दे दिया था।
ये इस्तीफे मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (एएमएमए) के भीतर पिछले कुछ महीनों में उभरे कई मुद्दों को लेकर जारी मतभेदों के बीच आए हैं।
'फेसबुक' पर साझा किए गए एक पोस्ट में श्वेता ने उनका समर्थन करने वालों का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह सीधे जनता को अपनी बात बताना चाहती हैं। उन्होंने लिखा, "मेरे इस्तीफे का कारण यह है कि मैंने किसी की कठपुतली बनने से इनकार कर दिया।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एएमएमए के चुनाव से पहले ही कुछ लोगों का इस्तेमाल उनके खिलाफ प्रचार करने और मनगढ़ंत आरोप लगाने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद एएमएमए के अधिकतर सदस्यों के समर्थन से वह चुनाव जीतीं और अपनी क्षमता के अनुसार पूरी निष्ठा से काम किया।
पोस्ट के अनुसार, श्वेता ने दावा किया कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने उनकी टीम को पूर्व समिति के कुछ सदस्यों द्वारा कथित रूप से किए गए गलत कार्यों की जांच करने से रोका।