Humayun Kabir claims victory for BJP in Rajnagar; hints at retirement from politics
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और नवादा के विधायक हुमायूं कबीर बुधवार को मीडिया के सामने भावुक हो गए और उन्होंने मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल रेजीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत का दावा करते हुए चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का संकेत दिया।
कबीर को एक दिन पहले रेजीनगर में मतदान के दौरान पुलिस के साथ तीखी झड़प के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। करीब 12 घंटे हिरासत में रहने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कई विवादों के केंद्र में रहे कबीर ने यह भी कहा कि जब तक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पद पर बने रहेंगे, तब तक वह विधानसभा नहीं जाएंगे। उन्होंने नवादा की जनता से अपने इस फैसले के लिए माफी भी मांगी।
कबीर ने नम आंखों से कहा, ‘‘अगर शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने रहते हैं तो मैं विधानसभा नहीं जाऊंगा। मैं नवादा की जनता से माफी मांगूंगा।’’
कबीर ने राजनीति से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक व्यवस्था और उनके साथ किए गए व्यवहार से निराश हो चुके हैं।
एजेयूपी प्रमुख की यह टिप्पणी रेजीनगर में मंगलवार को हुए मतदान के दौरान विवाद के एक दिन बाद आई है। कबीर को उनके पार्टी कार्यालय के बाहर पुलिस के साथ झड़प के बाद गिरफ्तार किया गया था।
कबीर के इस बयान से रेजीनगर में पहले से ही चर्चित उपचुनाव में एक और नया मोड़ आ गया है। यह अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जहां कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद एजेयूपी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।