CPI stands by its demand for the post of Deputy Leader of Opposition: Binoy Viswam
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी केरलम विधानसभा में विपक्ष के उपनेता का पद प्राप्त करने की अपनी मांग से पीछे नहीं हटेगी। इसके साथ ही उन्होंने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के भीतर एक नयी कार्यसंस्कृति अपनाने का आह्वान किया।
विश्वम ने कहा कि भाकपा यह मांग इसलिए नहीं कर रही कि उपनेता का पद कोई बहुत बड़ा पद है, बल्कि इसका उद्देश्य मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन 'एलडीएफ' के कामकाज में आवश्यक बदलाव लाना है।
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए विश्वम ने कहा, "भाकपा विपक्ष के उपनेता पद की अपनी मांग पर पूरी तरह कायम है। एलडीएफ को अधिक सामूहिक प्रयास, व्यापक भागीदारी और एकजुटता के साथ एक नयी कार्यशैली की आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा, "समय की मांग है कि गठबंधन में एक नयी कार्यशैली और एकजुटता की संस्कृति विकसित हो। हमने यह पद किसी बड़े पद के लालच में नहीं मांगा है।"
विश्वम ने कहा कि भाकपा एलडीएफ के भीतर अपने सिद्धांतों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि 'पीएम श्री' (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) सहित विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर पार्टी ने इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर अपना रुख तय किया है।
भाकपा नेता की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उपनेता-प्रतिपक्ष पद को लेकर एलडीएफ के दो सबसे प्रमुख घटक दलों (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और भाकपा) के बीच सार्वजनिक रूप से खींचतान चल रही है।
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भाकपा की मांग को अस्वीकार करते हुए स्पष्ट कर दिया था कि विधानसभा में विपक्ष के उपनेता का पद माकपा के ही किसी नेता को दिया जाएगा।