126वां गोल दागकर मेस्सी ने किया अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 07-10-2026
Messi announces retirement from international football after scoring his 126th goal.
Messi announces retirement from international football after scoring his 126th goal.

 

आवाज द वॉयस /  ब्यूनस आयर्स

फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े नामों में शामिल लियोनेल मेस्सी ने अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ अपना लंबा सफर आखिरकार खत्म कर दिया। ब्यूनस आयर्स के एस्टादियो मोनुमेंटल में बेनिन के खिलाफ खेला गया दोस्ताना मुकाबला उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच रहा। अर्जेंटीना ने यह मुकाबला 3 0 से जीता। मेस्सी ने एक गोल किया और दो गोल में असिस्ट दिया। इस तरह उन्होंने 21 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत 126 गोल के साथ किया।

मेस्सी के लिए यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच नहीं था। यह एक ऐसे सफर का आखिरी पन्ना था, जिसमें उतार चढ़ाव भी आए और ऐतिहासिक उपलब्धियां भी मिलीं। 39 वर्षीय अर्जेंटीनी कप्तान ने 2005 में राष्ट्रीय टीम के लिए शुरुआत की थी। इसके बाद वह अर्जेंटीना के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने।अब उनके नाम 208 अंतरराष्ट्रीय मैच हैं। 126 गोल हैं। असिस्ट के आंकड़े में भी वह अर्जेंटीना के सबसे आगे रहने वाले खिलाड़ियों में हैं। ताजा रिपोर्टों में उनके 70 असिस्ट दर्ज किए गए हैं।

मोनुमेंटल में भावुक विदाई

ब्यूनस आयर्स का मोनुमेंटल स्टेडियम इस ऐतिहासिक रात का गवाह बना। स्टेडियम दर्शकों से भरा था। हजारों प्रशंसक अपने कप्तान को आखिरी बार अर्जेंटीना की जर्सी में देखने पहुंचे थे।मैच शुरू होने से पहले ही माहौल भावुक हो गया था। मेस्सी को देखकर दर्शकों ने जोरदार स्वागत किया। अर्जेंटीना की जर्सी पर उनका नंबर 10 लंबे समय तक फुटबॉल प्रशंसकों के लिए सिर्फ एक नंबर नहीं रहा। यह मेस्सी की पहचान बन चुका है।

फीफा ने भी इस मुकाबले को मेस्सी की अंतिम अर्जेंटीना उपस्थिति के रूप में दर्ज किया था। मुकाबला 6 अक्टूबर को ब्यूनस आयर्स में तय किया गया था।मैच से पहले मेस्सी और उनके साथियों के लिए माहौल बेहद भावुक था। स्टेडियम में बड़ी संख्या में प्रशंसक मौजूद थे। एएफपी के मुताबिक करीब 85 हजार दर्शकों की मौजूदगी में अर्जेंटीना ने अपने कप्तान को विदाई दी।

पहले हाफ में नहीं हुआ गोल

बेनिन के खिलाफ मुकाबले का पहला हाफ गोल रहित रहा। अर्जेंटीना के पास मौके थे। मेस्सी ने भी गोल की कोशिश की। लेकिन गेंद को नेट तक पहुंचाने में वह सफल नहीं हुए।बेनिन ने भी अर्जेंटीना को आसानी से खेलने नहीं दिया। उसके खिलाड़ियों ने रक्षात्मक रूप से अच्छा प्रदर्शन किया। ऐसे में पहले 45 मिनट में कोई गोल नहीं हुआ।लेकिन दूसरे हाफ में मैच का रंग बदल गया।अर्जेंटीना ने आक्रामक खेल तेज किया। इसमें मेस्सी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही।

ओटामेंडी ने खोला खाता

दूसरे हाफ की शुरुआत में ही अर्जेंटीना को बढ़त मिल गई। 48वें मिनट में निकोलस ओटामेंडी ने गोल किया।यह गोल भी मेस्सी के जादू से जुड़ा था। उन्होंने कॉर्नर से शानदार गेंद भेजी।ओटामेंडी ने मौके का फायदा उठाया और वॉली के जरिए गेंद को गोल में पहुंचा दिया।

मोनुमेंटल में मौजूद प्रशंसकों के लिए यह गोल खास था। ओटामेंडी भी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अंतिम मैचों में से एक खेल रहे थे। ऐसे में उनका गोल मेस्सी की विदाई को और खास बना गया।कुछ देर बाद अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने ओटामेंडी को मैदान से बाहर बुला लिया। दर्शकों ने उनका भी जोरदार अभिवादन किया।

निको पाज़ ने बढ़त दोगुनी की

अर्जेंटीना का दूसरा गोल 61वें मिनट में आया। इस बार मेस्सी ने फिर अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने बाईं ओर से गेंद आगे बढ़ाई और क्रॉस दिया। निको पाज़ ने इस मौके को शानदार तरीके से गोल में बदल दिया। उनका शॉट घुमावदार था। गेंद गोल के बाएं कोने में चली गई।

निको पाज़ को अर्जेंटीना के उभरते हुए खिलाड़ियों में गिना जा रहा है। मेस्सी की मौजूदगी में इस युवा खिलाड़ी का गोल करना भी इस विदाई मैच की खास तस्वीर बन गया।एक तरफ अर्जेंटीना अपने महान कप्तान को विदा कर रहा था। दूसरी तरफ नई पीढ़ी के खिलाड़ी अपनी जगह बनाते दिखाई दे रहे थे।यही फुटबॉल की खूबसूरती है।एक युग खत्म होता है और दूसरा धीरे धीरे शुरू होता है।

फिर आया मेस्सी का आखिरी गोल

मोनुमेंटल में मौजूद दर्शक जिस पल का इंतजार कर रहे थे, वह 71वें मिनट में आया।अर्जेंटीना को पेनल्टी मिली। अगुस्टिन जियाय के खिलाफ बेनिन के बॉक्स में फाउल हुआ। रेफरी ने तुरंत पेनल्टी का फैसला किया।गेंद मेस्सी के पास थी।

यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच था। अब उनके पास अपने विदाई मुकाबले को गोल के साथ यादगार बनाने का मौका था।मेस्सी ने कोई गलती नहीं की।उन्होंने पेनल्टी पर जोरदार शॉट लगाया। गेंद गोल के ऊपरी हिस्से में पहुंच गई। गोल होते ही अर्जेंटीना के खिलाड़ी मेस्सी की तरफ दौड़े। सभी ने उन्हें घेर लिया।मोनुमेंटल तालियों और नारों से गूंज उठा।यह अर्जेंटीना की जर्सी में मेस्सी का 126वां गोल था। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी गोल।

208 मैच और 126 गोल

मेस्सी ने अर्जेंटीना के लिए 208 मैच खेले। यह किसी भी अर्जेंटीनी खिलाड़ी से ज्यादा है। वह राष्ट्रीय टीम के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी भी हैं।उनका सफर 2005 में शुरू हुआ था। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी पहचान बन जाएगा।

इस सफर में उन्हें कई बार आलोचना भी झेलनी पड़ी। खासकर बड़े फाइनल में हार के बाद मेस्सी पर सवाल उठे। एक समय उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला भी किया था। लेकिन उन्होंने वापसी की।और इसके बाद कहानी बदल गई।

अर्जेंटीना को दिलाए चार बड़े खिताब

मेस्सी के अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियां उनके आखिरी वर्षों में आईं। 2021 में उन्होंने अर्जेंटीना को कोपा अमेरिका का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद 2022 में फाइनलिसिमा जीती। उसी साल कतर विश्व कप में अर्जेंटीना ने खिताब अपने नाम किया।

2024 में मेस्सी की कप्तानी में अर्जेंटीना ने फिर कोपा अमेरिका जीता। यानी राष्ट्रीय टीम के साथ उनके करियर का सबसे सफल दौर लगातार चार बड़े खिताबों से जुड़ा रहा। एपी ने भी उनके अर्जेंटीना करियर में विश्व कप, दो कोपा अमेरिका और फाइनलिसिमा की उपलब्धियों को प्रमुखता दी है।

अब अर्जेंटीना को मिलेगी नई पहचान

मेस्सी के जाने के बाद अर्जेंटीना की टीम के सामने एक बड़ा सवाल है। नंबर 10 की जिम्मेदारी कौन संभालेगा?फुटबॉल में किसी खिलाड़ी की जगह भरना आसान नहीं होता। खासकर तब, जब वह खिलाड़ी दो दशक से अधिक समय तक टीम का चेहरा रहा हो।

लेकिन अर्जेंटीना के पास युवा प्रतिभाओं की कमी नहीं है। निको पाज़ जैसे खिलाड़ियों ने बेनिन के खिलाफ मुकाबले में अपनी क्षमता की झलक दिखाई। मेस्सी भी अब जानते हैं कि समय बदलता है।राष्ट्रीय टीम के साथ उनका सफर खत्म हो गया है। क्लब फुटबॉल में उनका सफर हालांकि जारी है। वह इंटर मियामी के साथ खेल रहे हैं।

एक महान अध्याय का अंत

मेस्सी का अर्जेंटीना के साथ सफर सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है।यह संघर्ष की कहानी है।यह असफलताओं के बाद वापसी की कहानी है।यह उस खिलाड़ी की कहानी है जिसने लंबे इंतजार के बाद अपने देश को सबसे बड़े खिताब दिलाए। उन्होंने अर्जेंटीना के लिए 208 मैच खेले। 126 गोल किए। दर्जनों असिस्ट दिए। चार बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब जीते।

 

और सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने उस जर्सी को दुनिया भर में एक अलग पहचान दी।बेनिन के खिलाफ मैच के बाद अब वह अर्जेंटीना की जर्सी में नजर नहीं आएंगे।मोनुमेंटल में आखिरी बार उनका नाम गूंजासाथियों ने उन्हें घेरा। प्रशंसकों ने तालियां बजाईं।

और मेस्सी ने अपने देश की जर्सी को आखिरी बार सलाम किया। एक महान अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत इससे ज्यादा खूबसूरत शायद ही हो सकता था।126 गोल के साथ लियोनेल मेस्सी ने अर्जेंटीना के लिए अपना आखिरी गोल किया। 208 मैचों के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय सफर खत्म हुआ। लेकिन अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास में उनका नाम अब भी लंबे समय तक सबसे ऊपर लिखा जाएगा।