आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शनिवार को प्रशांत क्षेत्र के सहयोगी देशों को आश्वस्त किया कि अमेरिका इस क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा। हालांकि, उन्होंने चीन को खतरा बताने वाले अपने पहले के तीखे बयानों के मुकाबले इस बार कुछ नरमी बरती।
सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला सुरक्षा सम्मेलन में विश्व नेताओं, राजनयिकों और रक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने कहा कि प्रशांत क्षेत्र अमेरिका की सुरक्षा और समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन की प्राथमिकता ‘‘प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन को स्थायी और अनुकूल बनाए रखना है।’’
पिछले वर्ष उन्होंने इस सम्मेलन में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और ताइवान के प्रति उसके आक्रामक रुख को लेकर चेतावनी दी थी। लेकिन इस बार उनका रुख अपेक्षाकृत संयमित रहा। यह बदलाव ऐसे समय आया है जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच बीजिंग में बैठक हुई थी।
हेगसेथ ने कहा कि दोनों नेताओं ने रणनीतिक स्थिरता, निष्पक्षता और पारस्परिकता पर आधारित रचनात्मक संबंध बनाने पर सहमति जताई है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के वर्चस्व को स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि चीन के अभूतपूर्व सैन्य विस्तार और क्षेत्र में उसकी गतिविधियों को लेकर चिंताएं जायज हैं। उन्होंने कहा कि किसी एक शक्ति का प्रभुत्व क्षेत्रीय संतुलन को बिगाड़ सकता है।