35 crore saplings with public participation during monsoon.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने पौधरोपण महाभियान-2026 के तहत मानसून के दौरान जनभागीदारी से 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इसके निमित्त 1900 से अधिक नर्सरियों में पौधे तैयार किए जा रहे हैं। विगत नौ वर्ष में उत्तर प्रदेश ने 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाये गये हैं।
अधिकारियों के अनुसार नोडल विभाग (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन) सर्वाधिक 15 करोड़ से अधिक पौधरोपण करेगा। इसे लेकर जिला वृक्षारोपण समिति की नियमित बैठकें भी चल रही हैं। इस बार भी कई नवीन वन स्थापित होने के साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे भी 5.50 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
एक बयान के मुताबिक मानसून में वृहद पौधरोपण के लिए वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग निरंतर बैठक, संवाद स्थापित कर रहा है। नर्सरियों में पर्यावरणीय, फलदार, औषधीय समेत सभी प्रकार के पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
प्रदेश के एक्सप्रेसवे के किनारे भी पौधारोपण किया जाएगा। इस बार विशेष रूप से 594 किमी. लंबे गंगा एक्सप्रेसवे की दोनों पटरियों पर वन विभाग 5.50 लाख पौधे लगायेगा। उनमें पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, गूलर, महुआ, आम, अर्जुन, चिलबिल, अमलतास, कचनार, जकरकंडा, गुलमोहर आदि प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
योगी आदित्यनाथ सरकार प्रत्येक वर्ष नवीन विशिष्ट वन स्थापित करती है। इस थीम के अंतर्गत पौधरोपण महाभियान में इस वर्ष महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन, कपि वन समेत अनेक नवीन वन स्थापित किए जाएंगे।