आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुंबई में भारी बारिश का दौर थोड़े विराम के बाद बुधवार सुबह फिर शुरू हो गया जिससे उपनगरीय रेल सेवाएं प्रभावित रहीं और दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पड़ोसी जिले पालघर के वसई-विरार क्षेत्र तथा दक्षिण गुजरात के कई स्थानों पर जलभराव के कारण गुजरात की ओर जाने वाली लंबी दूरी की रेल सेवाएं बाधित रहीं। वहीं, सोमवार को भोर घाट क्षेत्र में हुए भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे मार्ग पर रेल परिचालन भी अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में मंगलवार शाम वसई रोड से आगे उपनगरीय रेल सेवाएं बंद होने के बाद यात्रियों को आधी रात मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में जलमग्न पटरियों पर पैदल चलते देखा गया।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाली सात झीलों में से एक तुलसी झील मंगलवार देर रात अपने जलसंग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण लबालब भर गई है और इससे कुछ घंटे पहले ही पास स्थित विहार झील में भी पानी लबालब भर गया था।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शहर और उपनगरों में दिन भर रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है।
उपनगरीय रेल सेवाएं मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे, दोनों नेटवर्क पर 25 से 30 मिनट की देरी से चल रही हैं, जबकि मेट्रो और सार्वजनिक बस सेवाएं सामान्य रहीं।
तड़के हुई बारिश के कारण पड़ोसी जिले रायगढ़ में नेरुल और सेलू स्टेशन के बीच पटरियों के नीचे की गिट्टियां बह जाने से मध्य रेलवे के एक खंड पर उपनगरीय ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं।
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नेरुल स्टेशन के पास गिट्टियां बहने की जानकारी तड़के करीब चार बजे मिली। इसके बाद दोनों लाइन पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया गया और सुबह करीब सवा छह बजे रेल सेवाएं बहाल कर दी गईं।
उन्होंने बताया कि सप्ताह की शुरुआत में हुए भूस्खलन के बाद कर्जत और लोनावला के बीच भोर घाट खंड में बहाली का काम अभी जारी है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि सूरत के सचीन स्टेशन के पास एक पुल के निकट जलभराव के कारण मंगलवार शाम सात बजकर 20 मिनट से बुधवार सुबह छह बजकर 50 मिनट तक मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन बंद रहा। जलस्तर घटने के बाद सेवाएं फिर शुरू कर दी गईं।
उन्होंने बताया कि इस व्यवधान के कारण अब तक 39 ट्रेन रद्द की गई हैं, 21 को गंतव्य पर पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया और 46 के मार्ग में बदलाव किया गया है।
पश्चिम रेलवे ने मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे वसई रोड से आगे उपनगरीय रेल सेवाएं निलंबित कर दी थीं क्योंकि बारिश के पानी से पटरियां पूरी तरह डूब गईं। इसके बाद सैकड़ों यात्री वसई से विरार तक रेलवे लाइन के किनारे घुटनों तक पानी में पैदल जाते देखे गए।