सूरत (गुजरात)
नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमों ने बुधवार को सूरत, गुजरात की श्रीराम नगर सोसाइटी में बचाव अभियान चलाया और 85 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें 36 पुरुष, 27 महिलाएं और 22 बच्चे शामिल थे। यह बचाव अभियान ऐसे समय में चलाया गया जब सूरत बाढ़ की मार झेल रहा है और लोग चारों तरफ बढ़ते पानी के बीच फंसे हुए हैं। लगातार दूसरे दिन भी बाढ़ का प्रकोप बढ़ने के कारण हजारों लोग सड़कों पर फंसे हुए हैं; प्रशासन उन्हें निकालने की कोशिश तो कर रहा है, लेकिन हालात के आगे बेबस और लाचार नजर आ रहा है।
शहर का आधे से ज़्यादा हिस्सा पानी में डूबा हुआ है और ज़्यादातर इलाकों का संपर्क टूट गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अमरेली, भरूच, भावनगर, बोटाद, दादरा और नगर हवेली, दमन, डांग, दीव, गिर सोमनाथ, नर्मदा, नवसारी, सूरत, तापी, वडोदरा और वलसाड जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। यहाँ बिजली कड़कने, आंधी-तूफान (लगभग 60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के साथ) और भारी बारिश की आशंका है।
IMD ने अहमदाबाद, आणंद, छोटा उदेपुर, दाहोद, जूनागढ़, खेड़ा, पंचमहल, राजकोट और सुरेंद्रनगर के लिए भी 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। यहाँ भी बिजली कड़कने, आंधी-तूफान और लगभग 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं की संभावना है। IMD ने प्रभावित इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और ज़रूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पेड़ों या कमज़ोर ढांचों के नीचे शरण न लें, सड़क और ट्रैफिक की स्थिति पर नज़र रखें, गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें और संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी अन्य सलाहों का पालन करें।
इस बीच, भारी बारिश के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात की और उन्हें केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। गृह मंत्री ने लगातार हो रही मॉनसून की बारिश से पैदा हुए हालात का जायजा लिया, जिसने दोनों राज्यों में जनजीवन को प्रभावित किया है।
लगातार भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई शहरी इलाकों में जलभराव की खबर है, जिससे ट्रैफिक धीमा हो गया है और यात्रियों को परेशानी हो रही है। बाढ़ और कम दृश्यता (विजिबिलिटी) के कारण परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा है। गुजरात के कई ज़िलों में बहुत ज़्यादा बारिश की चेतावनी के बीच, सूरत पर इस भारी बारिश का सबसे बुरा असर पड़ा। लगातार बारिश से सड़कें डूब गईं, लोग फंस गए, बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाने पड़े और मॉनसून से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई।
नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमों ने बुधवार को सूरत, गुजरात की श्रीराम नगर सोसाइटी में बचाव अभियान चलाया और 85 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें 36 पुरुष, 27 महिलाएं और 22 बच्चे शामिल थे। यह बचाव अभियान ऐसे समय में चलाया गया जब सूरत बाढ़ की मार झेल रहा है और लोग चारों तरफ बढ़ते पानी के बीच फंसे हुए हैं। लगातार दूसरे दिन भी बाढ़ का प्रकोप बढ़ने के कारण हजारों लोग सड़कों पर फंसे हुए हैं; प्रशासन उन्हें निकालने की कोशिश तो कर रहा है, लेकिन हालात के आगे बेबस और लाचार नजर आ रहा है।
शहर का आधे से ज़्यादा हिस्सा पानी में डूबा हुआ है और ज़्यादातर इलाकों का संपर्क टूट गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अमरेली, भरूच, भावनगर, बोटाद, दादरा और नगर हवेली, दमन, डांग, दीव, गिर सोमनाथ, नर्मदा, नवसारी, सूरत, तापी, वडोदरा और वलसाड जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। यहाँ बिजली कड़कने, आंधी-तूफान (लगभग 60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के साथ) और भारी बारिश की आशंका है।
IMD ने अहमदाबाद, आणंद, छोटा उदेपुर, दाहोद, जूनागढ़, खेड़ा, पंचमहल, राजकोट और सुरेंद्रनगर के लिए भी 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। यहाँ भी बिजली कड़कने, आंधी-तूफान और लगभग 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं की संभावना है।
IMD ने प्रभावित इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और ज़रूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पेड़ों या कमज़ोर ढांचों के नीचे शरण न लें, सड़क और ट्रैफिक की स्थिति पर नज़र रखें, गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें और संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी अन्य सलाहों का पालन करें।
इस बीच, भारी बारिश के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात की और उन्हें केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
गृह मंत्री ने लगातार हो रही मॉनसून की बारिश से पैदा हुए हालात का जायजा लिया, जिसने दोनों राज्यों में जनजीवन को प्रभावित किया है।
लगातार भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई शहरी इलाकों में जलभराव की खबर है, जिससे ट्रैफिक धीमा हो गया है और यात्रियों को परेशानी हो रही है। बाढ़ और कम दृश्यता (विजिबिलिटी) के कारण परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा है। गुजरात के कई ज़िलों में बहुत ज़्यादा बारिश की चेतावनी के बीच, सूरत पर इस भारी बारिश का सबसे बुरा असर पड़ा। लगातार बारिश से सड़कें डूब गईं, लोग फंस गए, बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाने पड़े और मॉनसून से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई।