आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने वीबी-जीरामजी अधिनियम-2025 के तहत शिकायतों के निवारण के लिए नियम अधिसूचित किए हैं, जिनके अनुसार ग्रामीण रोजगार योजना के कार्यान्वयन से जुड़ी शिकायतों का समाधान 15 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य है। यही नहीं, अगर निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान नहीं हो पाता है, तो उन्हें उच्च स्तर पर भेजने की व्यवस्था भी की गई है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से अधिसूचित 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) शिकायत निवारण नियम, 2026' के तहत राज्य सरकारों को ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर तीन-स्तरीय व्यवस्था स्थापित करनी होगी।
मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक बयान में बताया कि इन नियमों में हर स्तर पर नामित शिकायत निवारण अधिकारियों की व्यवस्था की गई है, जो शिकायतों को प्राप्त करने, दर्ज करने, जांच करने और उनका निपटारा करने का काम करेंगे।
बयान के मुताबिक, शिकायतें व्यक्तिगत रूप से, स्पीड पोस्ट के जरिये, किसी निर्धारित डिजिटल मंच या टेलीफोन हेल्पलाइन या राज्य सरकारों की ओर से तय किए गए किसी अन्य माध्यम से दर्ज कराई जा सकती हैं।
इसमें कहा गया है कि किसी भी शिकायत को उसके प्रारूप, भाषा, जमा करने के तरीके या किसी प्रक्रियागत कमी के आधार पर दर्ज करने से मना नहीं किया जा सकता।
बयान के अनुसार, ग्राम पंचायत, ब्लॉक या जिला स्तर पर भौतिक रूप से प्राप्त सभी शिकायतों को प्राप्ति के दिन ही या यदि ऐसा संभव न हो तो अगले कार्य दिवस तक निर्धारित डिजिटल मंच पर दर्ज करना होगा।
इसमें कहा गया है कि शिकायतकर्ता को एक पावती मिलेगी, जिसमें पंजीकरण संख्या, प्राप्ति की तारीख और प्राप्त करने वाले अधिकारी का पद दर्ज होगा।