सरकार ने गन्ना नियंत्रण आदेश के मसौदे को वापस लिया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-05-2026
Government withdraws draft sugarcane control order
Government withdraws draft sugarcane control order

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 केंद्र सरकार ने गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 के मसौदे को वापस ले लिया है। विभिन्न राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों से प्राप्त आपत्तियों के मद्देनजर इसे पुनः समीक्षा के लिए भेजा जाएगा।

खाद्य मंत्रालय ने एक कार्यालय ज्ञापन में कहा, “राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों से प्राप्त सुझावों/टिप्पणियों के आधार पर यह आवश्यक माना गया है कि गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 के मसौदे पर पुनर्विचार किया जाए।”
 
मंत्रालय ने इस मसौदे को सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 20 मई तय की गई थी।
 
यह मसौदा 60 साल पुराने गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 1966 को बदलने के उद्देश्य से तैयार किया गया था, जिसमें एथनॉल और खांडसारी क्षेत्रों को सरकारी नियमन के दायरे में लाने का प्रस्ताव शामिल था।
 
इस प्रस्ताव का खांडसारी इकाइयों और किसानों ने विरोध किया था।
 
मसौदे में खांडसारी इकाई की परिभाषा बदलकर उसे 10 से अधिक श्रमिकों और प्रतिदिन 500 टन से अधिक पेराई क्षमता वाली इकाई के रूप में परिभाषित करने का प्रस्ताव था। मौजूदा नियमों के तहत खांडसारी इकाई वह होती है जिसमें 20 या अधिक श्रमिक हों और क्षमता सीमा का कोई प्रावधान नहीं है।
 
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित परिभाषा से बड़ी संख्या में छोटी, श्रम-प्रधान इकाइयां नियामकीय दायरे में आ जातीं, जिससे किसानों पर असर पड़ता क्योंकि उन्हें खांडसारी इकाइयों से चीनी मिलों की तुलना में बेहतर मूल्य मिलता है।
 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद संजीव बालियान ने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार ने यह आदेश किसानों के हित में वापस लिया है।
 
उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हर नीति किसानों की सहमति और उनके कल्याण को सर्वोपरि