Government changes ACC PLI deadline for Ola Electric; incentives up to Rs 7,240 crore
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय ने उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी ओला सेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (ओसीटी) के लिए उन्नत रसायन सेल (एसीसी) उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत संशोधित समयसीमा को मंजूरी दे दी है।
कंपनी ने बयान में कहा कि एमएचआई का यह संशोधन महज समयसीमा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। मंजूरी से ओला इलेक्ट्रिक को उसके 20 गीगावाट आवंटन के लिए 2031 तक पूरे पांच साल की पीएलआई अवधि मिलेगी और कुल 7,240 करोड़ रुपये तक के पीएलआई प्रोत्साहन मिल सकेगा।
इसमें कहा गया कि प्रोत्साहन राशि का भुगतान अगली तिमाही से शुरू होगा और यह तिमाही आधार पर किया जाएगा। इससे कंपनी के सेल कारोबार के विस्तार के साथ नियमित प्रोत्साहन आय का प्रवाह बनेगा।
ओला इलेक्ट्रिक के पास फिलहाल 2.5 गीगावाट की स्थापित सेल विनिर्माण क्षमता है जबकि 3.5 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता स्थापित की जा रही है।
कंपनी ने कहा कि चालू तिमाही के अंत तक उसकी क्षमता छह गीगावाट हो जाएगी, जो दिसंबर 2026 की संशोधित समयसीमा से काफी पहले शुरुआती स्थापित क्षमता का लक्ष्य हासिल कर लेगी।
ओला इलेक्ट्रिक ने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) के फैसले से मूल समयसीमा प्रभावी रूप से दो साल बढ़ गई है। लिथियम सेल इलेक्ट्रिक परिवहन, ऊर्जा भंडारण, ड्रोन, रोबोटिक्स और अगली पीढ़ी की औद्योगिक प्रणालियों में एक बुनियादी प्रौद्योगिकी बन रहे हैं।
ओला इलेक्ट्रिक के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक भविष अग्रवाल ने कहा, ‘‘संशोधित समयसीमा महज विस्तार से कहीं अधिक है। यह हमारे सेल कारोबार की अर्थव्यवस्था को बदलती है। इससे पहले की समयसीमा से जुड़ी अनिश्चितता अब पांच साल के दौरान तिमाही आधार पर 7,240 करोड़ रुपये तक के पीएलआई लाभ के अवसर में बदल गई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ मूल समयसीमा से अधिक समय लगने के बाद हमने अपने कारोबारी अनुमानों में किसी भी प्रोत्साहन राशि को शामिल नहीं किया था। अब ओला सरकार की संशोधित समयसीमा से काफी आगे चल रही है, जिससे हमें 7,240 करोड़ रुपये की पूरी संभावित प्रोत्साहन राशि हासिल करने और अगली तिमाही से ही भुगतान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।’’