आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
हर बच्चे की पढ़ने, समझने और सीखने की क्षमता अलग-अलग होती है, इसे ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद के एक स्कूल ने छात्रों के साक्षरता कौशल के आकलन और अतिरिक्त सहायता की जरूरत वाले बच्चों की पहचान करने के उद्देश्य से विश्वस्तर पर मान्यता प्राप्त मूल्यांकन ‘फ्रेमवर्क’ (प्रारूप) की शुरुआत की।
सेठ आनंद राम जयपुरिया स्कूल की इस पहल के तहत फिलहाल कक्षा एक से पांच तक के छात्रों को शामिल किया गया है। इसमें ‘लेक्साइल’ मानक का इस्तेमाल कर प्रत्येक छात्र की पढ़ने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। इससे शिक्षकों को बच्चों की सीखने की जरूरतों के अनुसार पढ़ाने के तरीके तय करने में मदद मिलती है।
जयपुरिया स्कूल के स्कूल निदेशक हरीश संदुजा ने बताया कि यह मूल्यांकन करीब ढाई साल पहले शुरू किया गया था और अब तक इस प्रणाली के तहत करीब दो हजार छात्रों का आकलन किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। शुरुआत में पढ़ने में कठिनाई महसूस करने वाले विद्यार्थियों को शिक्षकों की ओर से अतिरिक्त ध्यान दिया गया, जिससे उनके प्रदर्शन में सुधार हुआ है।