गाजियाबाद: NIA ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी मामले में पांच नाबालिगों के खिलाफ जांच शुरू की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 18-05-2026
Ghaziabad: NIA files investigation against five juveniles in Pakistan-linked espionage case
Ghaziabad: NIA files investigation against five juveniles in Pakistan-linked espionage case

 

गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) 
 
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को कानून के साथ संघर्षरत पांच किशोरों (JCLs) के खिलाफ अपनी जांच रिपोर्ट दायर की। यह मामला पाकिस्तान से जुड़ी एक आतंकी साजिश से संबंधित है, जिसमें भारत की सुरक्षा और संरक्षा को खतरे में डालने के इरादे से संवेदनशील स्थानों की जासूसी करने की योजना बनाई गई थी। NIA ने गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश स्थित किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष BNS 2023, शासकीय गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) और UA (P) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट दायर की है।
 
जारी बयान के अनुसार, गाजियाबाद जासूसी मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला मूल रूप से मार्च 2026 में स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, जिसमें रेलवे स्टेशनों के संवेदनशील स्थलों पर सौर-ऊर्जा संचालित कैमरे लगाने और इन कैमरों से प्राप्त लाइव फुटेज को पाकिस्तान में मौजूद संदिग्ध आतंकवादियों तक पहुंचाने का आरोप था। जांच का जिम्मा संभालने के बाद, NIA ने पाया कि इन पांच किशोरों ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर एक साजिश रची थी। इस साजिश का उद्देश्य संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों को संवेदनशील प्रतिष्ठानों की तस्वीरें और वीडियो, साथ ही उनके सटीक GPS निर्देशांक (coordinates) प्राप्त करने में सहायता करना था, ताकि भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता और सुरक्षा को खतरे में डाला जा सके।
 
NIA की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इन किशोरों (JCLs) ने अवैध रूप से महत्वपूर्ण संवेदनशील/निषिद्ध क्षेत्रों में घुसपैठ की थी, वहां तक ​​पहुंचे थे और उन क्षेत्रों को एक्सेस किया था। उन्होंने जासूसी कैमरे लगाने और संवेदनशील जानकारी—जिसमें जियो-टैगिंग (geo-tagging) वाली तस्वीरें और वीडियो शामिल थे—को पाकिस्तान स्थित संदिग्ध आतंकवादियों तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग दिया था। इन किशोरों ने संदिग्ध पाकिस्तान-लिंक्ड आतंकवादियों को भारतीय धरती पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारतीय SIM कार्ड प्राप्त करने और उनका उपयोग करने में भी मदद की थी।
 
इस मामले में गिरफ्तार किए गए शेष आरोपियों और अन्य संदिग्धों के खिलाफ जांच अभी भी जारी है। इससे पहले, 16 मई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बताया था कि उसने कंबोडिया में मानव तस्करी और साइबर गुलामी से जुड़े एक मामले में पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र (charge-sheet) दायर किया है। इन पांच लोगों में एक फरार मुख्य साजिशकर्ता (mastermind) भी शामिल है।
 
मुख्य साजिशकर्ता आनंद कुमार सिंह उर्फ ​​मुन्ना सिंह और उसके चार सह-आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को पटना (बिहार) स्थित NIA विशेष अदालत में दायर आरोप पत्र में भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट में नामजद तीन सह-आरोपियों - उत्तर प्रदेश के अभय नाथ दुबे और रोहित यादव, तथा बिहार के अभिरंजन कुमार - को इस साल फरवरी में कंबोडिया से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया था। पांचवां आरोपी, जिसकी पहचान प्रह्लाद कुमार सिंह के रूप में हुई है, फिलहाल जमानत पर बाहर है।
 
NIA ने बताया कि ये आरोपी "एक संगठित मानव तस्करी गिरोह के हिस्से के तौर पर, भारतीय युवाओं को वैध नौकरियों और अच्छी-खासी सैलरी का झांसा देकर कंबोडिया ले जाने" में शामिल थे।