Getting 'positive suggestions' from Muslims on UCC in Madhya Pradesh: Mohan Yadav
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के संबंध में अपनी सिफारिशें पेश करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति को मुस्लिम समुदाय के लोगों से भी सकारात्मक सुझाव मिल रहे हैं।
उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार यह संहिता लागू करने के लिए विधानसभा के 20 जुलाई से शुरू होने वाले पांच दिवसीय मानसून सत्र में विधेयक पेश करेगी।
यादव ने यहां संवाददाताओं से कहा,“समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए हमने समिति बना दी है। समिति इसके लिए सुझाव ले रही है। लाखों लोगों के सुझाव आ रहे हैं। कई प्रकार के अच्छे सुझाव हमारे मुस्लिम भाई-बहनों की ओर से भी मिल रहे हैं जिन्होंने समान नागरिक संहिता की आवश्यकता को सकारात्मकता से लिया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करना उनकी सरकार का संकल्प है और राज्य इस संहिता को अमली जामा पहनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा,“जब हमारे देश में एक विधान (संविधान), एक निशान और एक प्रधान है, तो अलग-अलग कानूनों का क्या अर्थ है?”
यादव ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी हालत में विधानसभा के मानसून सत्र के समापन से पहले समान नागरिक संहिता विधेयक पारित कराने का प्रयास करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि समान नागरिक संहिता के लागू करने के विषय में राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की है।
उन्होंने बताया कि यह समिति इन दिनों राज्य का दौरा करके समान नागरिक संहिता पर लोगों की राय जान रही है और कानूनी, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करके राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी।
इस बीच, मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-5 में करीब 16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की औपचारिक शुरुआत की जिनमें सड़क और सीवर लाइन का निर्माण शामिल है।बेचे।