आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को जिला खनिज कोष (डीएमएफ) में कथित अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सोमवार को जमानत दे दी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस तथ्य पर गौर किया कि पूर्व नौकरशाह 24 जनवरी, 2024 से भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में जेल में हैं।
प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने टुटेजा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम की दलीलों पर संज्ञान लिया।
पूर्व आईएएस अधिकारी को डीएमएफ मामले में 23 फरवरी, 2026 को गिरफ्तार किया गया था।
पीठ ने कहा, ‘‘आरोपी को 21 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया गया था और वह हिरासत में है। सह-आरोपी पहले से ही जमानत पर हैं। याचिकाकर्ता के खिलाफ लगभग 85 गवाहों से पूछताछ की जानी है। मुकदमे के निष्कर्ष में समय लगने की संभावना है।’’
न्यायालय ने कहा, ‘‘हालांकि यह सच है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप गंभीर हैं। यह मामला उस चरण में है जहां अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही होनी है। हिरासत में बिताये गये समय और मुकदमे के निष्कर्ष में लगने वाले संभावित समय को ध्यान में रखते हुए, हम याचिकाकर्ता को जमानत देना उचित समझते हैं।’’रद्द कर दिया गया था।