आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
डेटा सेंटर कंपनी ‘एआईनेट कॉर्प’ के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दीपक जैन ने अमेरिका प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के साथ हुए अनुबंध के संबंध में गलत प्रमाणन देने के मामले को निपटाने के लिए 18 लाख अमेरिकी डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने यह जानकारी दी।
भारतीय मूल के जैन ने मैरीलैंड के बेल्ट्सविले स्थित अपने डेटा सेंटर को टियर-चार मानकों के अनुरूप होने का गलत प्रमाणपत्र देकर एसईसी को अनुबंध करने के लिए राजी किया था। ‘टेलीकम्युनिकेशंस इंडस्ट्री एसोसिएशन’ (टीआईए) द्वारा निर्धारित इन मानकों में 99.995 प्रतिशत उपलब्धता के साथ उन्नत और बाधारहित संचालन की क्षमता जरूरी होती है।
न्याय विभाग के नागरिक प्रभाग के सहायक अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए शुमेट ने कहा, “सरकार के साथ कारोबार करने वालों को निष्पक्ष और ईमानदारी से काम करना चाहिए।”
शुमेट ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा, “हम ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे, जो जानबूझकर संघीय एजेंसियों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में विफल रहते हैं।”
अमेरिका का आरोप है कि ये प्रमाणपत्र गलत थे, क्योंकि ‘अपटाइम काउंसिल’ नाम की कोई ऐसी कंपनी अस्तित्व में नहीं थी और उसने एआईनेट के डेटा केंद्र का कभी निरीक्षण भी नहीं किया था।की है।