हर पायलट को डोप टेस्ट से गुज़रना होगा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 25-08-2026
"Every pilot has to undergo a dope test": Civil Aviation Minister Naidu on DGCA's 100% testing plan

 

नई दिल्ली 
 
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) एविएशन सेफ्टी को बेहतर बनाने की कोशिशों के तहत पायलटों के सालाना 100% डोप टेस्ट (नशीली दवाओं की जांच) पर विचार कर रहा है। दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए नायडू ने कहा कि मौजूदा नियमों के तहत कुल पायलट नेटवर्क में से 10% पायलटों का डोप टेस्ट किया जाता है, जबकि DGCA इस टेस्टिंग को बढ़ाने के लिए संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ बातचीत कर रहा है।
 
उन्होंने कहा, "इस डोप टेस्ट को करने के कई तरीके हैं। अभी नियम के अनुसार कुल पायलट नेटवर्क में से 10% का टेस्ट होता है। DGCA बातचीत कर रहा है और हमारी तरफ से एक राय यह है कि साल में किसी भी समय रैंडम तरीके से हर पायलट का टेस्ट होना चाहिए।"
 
मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित तरीके में सेफ्टी से जुड़ी चिंताओं और एयरलाइंस पर पड़ने वाले ऑपरेशनल असर के बीच संतुलन बनाना होगा। नायडू ने कहा, "हमें यह देखना होगा कि सभी संबंधित पक्ष इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, क्योंकि एक तो सेफ्टी का पहलू है और दूसरी बात ऑपरेशनल असर है, जिस पर भी ध्यान देना होगा। इसलिए हम दोनों के बीच संतुलन बनाएंगे।" उन्होंने कहा कि DGCA हर पायलट के लिए अनिवार्य सालाना टेस्टिंग शुरू करने के संभावित असर का भी आकलन कर रहा है।
 
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन अगर हम 100% टेस्टिंग लागू करते हैं, जिसमें हर पायलट को साल में कम से कम एक बार डोप टेस्ट से गुजरना पड़े, तो इसका क्या असर होगा? DGCA इसकी रणनीति बना रहा है।" यह बयान 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 के ओडिशा के ऊपर अचानक 300 फीट नीचे गिरने की घटना के बाद आया है, जिसमें 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए थे।
रजिस्ट्रेशन नंबर VT-EXO वाले एयरबस A320 विमान को बाद में स्थिर किया गया और वह सुरक्षित दिल्ली में उतरा। विमान में 137 यात्री (जिनमें तीन शिशु शामिल थे) और आठ क्रू सदस्य (दो पायलट और छह केबिन क्रू) सवार थे।
 
यह घटनाक्रम विमान की कथित पोस्ट-फ्लाइट मेंटेनेंस रिपोर्ट के बीच सामने आया है, जिसमें यात्रा के दौरान हाइड्रोलिक सिस्टम, फ्लाइट कंट्रोल और ऑटोपायलट से जुड़ी कई तकनीकी चेतावनियों का पता चला है।