किसानों, राज्यों और भविष्य की अर्थव्यवस्था पर फोकस: बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 01-02-2026
Focus on farmers, states, and the future economy: Key announcements of Budget 2026
Focus on farmers, states, and the future economy: Key announcements of Budget 2026

 

आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, राज्यों की वित्तीय मजबूती और भविष्य की औद्योगिक क्षमता को केंद्र में रखते हुए एक व्यापक और संतुलित रोडमैप पेश किया है। संसद में बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में इज़ाफ़ा करने और भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मज़बूत बनाने पर है।

इस दिशा में एक अहम घोषणा कोकोनट प्रमोशन स्कीम की रही। इस योजना के तहत प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा। पुराने और कम उत्पादन देने वाले पेड़ों को हटाकर नई, उच्च उत्पादक किस्मों के पौधे लगाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ़ नारियल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।

इसके साथ ही काजू और कोको (कोकोआ) सेक्टर के लिए एक समर्पित राष्ट्रीय कार्यक्रम की घोषणा की गई है। इसका उद्देश्य कच्चे काजू और कोको के उत्पादन व प्रोसेसिंग में भारत को आत्मनिर्भर बनाना, निर्यात क्षमता बढ़ाना और 2030 तक “इंडियन काजू” और “इंडियन कोको” को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।

वित्त मंत्री ने चंदन को भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर लक्षित खेती और पोस्ट-हार्वेस्ट प्रोसेसिंग को बढ़ावा देगी, ताकि भारतीय चंदन पारिस्थितिकी तंत्र की खोई हुई गरिमा को बहाल किया जा सके।

उच्च मूल्य वाली कृषि को बढ़ावा देने के तहत अखरोट, बादाम और पाइन नट्स के पुराने व कम उत्पादक बागानों के पुनरोद्धार और हाई-डेंसिटी खेती के विस्तार के लिए भी विशेष कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को वैल्यू एडिशन और कृषि उद्यमिता से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

पशुपालन क्षेत्र में भी बजट ने बड़ा संदेश दिया है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में गुणवत्तापूर्ण रोज़गार सृजन के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना लाई जाएगी। साथ ही एकीकृत पशुधन, डेयरी और पोल्ट्री वैल्यू चेन विकसित कर किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

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इनफोग्राफिक्स से समझें बजट को

राज्यों के लिए केंद्र ने 2026-27 में वित्त आयोग अनुदान के तहत 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए करों में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत बनाए रखने का फैसला किया है, जिससे स्थानीय निकायों और आपदा प्रबंधन को मज़बूती मिलेगी।

वित्तीय अनुशासन पर ज़ोर देते हुए सरकार ने 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य GDP का 4.3 प्रतिशत तय किया है, जो 2025-26 के 4.4 प्रतिशत से कम है। यह संकेत देता है कि सरकार विकास और स्थिरता के बीच संतुलन साधने की राह पर है।

बजट में भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़े ऐलान किए गए हैं—जैसे इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, बायो फार्मा शक्ति (10,000 करोड़ रुपये का कार्यक्रम) और दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार “रिफॉर्म ओवर रेटोरिक” के सिद्धांत पर चलते हुए आत्मनिर्भर भारत को केंद्र में रख रही है।

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को कृषि से लेकर अत्याधुनिक तकनीक तक, समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम के रूप में देखा जा रहा है।