बदरीनाथ में वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में निलंबित कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-07-2026
FIR lodged against suspended employee in connection with financial irregularities in Badrinath
FIR lodged against suspended employee in connection with financial irregularities in Badrinath

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में निलंबित श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने बुधवार को बताया कि बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय में निजी सहायक रहे प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मंगलवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई।
 
इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को 'गोहत्या' जैसा पाप बताते हुए कहा दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
 
बीकेटीसी द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि के बाद नौटियाल को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया था और कुछ घंटों के बाद ही उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
 
बीकेटीसी की ओर से बदरीनाथ थाने में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि दो जुलाई को सोशल मीडिया पर सामने आईं कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए गठित समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया इस बात की पुष्टि हुई थी कि नौटियाल मंदिर का पैसा अपने साथ ले गया था।
 
नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 306 (किसी कर्मचारी द्वारा अपने नियोक्ता की संपत्ति की चोरी करना) और 316 (5) (विशिष्ट न्यासियों द्वारा किए गए आपराधिक विश्वासघात) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
 
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंगलवार को गढ़वाल के आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम गठित की गई है।
 
प्रदेश के पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उच्चस्तरीय समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करके 15 दिन में रिपोर्ट पेश करेगी।
 
इस बीच, हरिद्वार में धामी ने कहा कि मामले की जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा औेर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
 
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के लिए समिति बना दी गयी है और पुलिस के समक्ष भी रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है।
 
उन्होंने कहा, “यह गोहत्या जैसा पाप है। जिस तरह कोई मां-बाप की हत्या कर देता है, यह उसी तरह का एक महापाप है। यह क्षमायोग्य नहीं है और कानून अपना काम करेगा।”