खरात के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं का मामला: रूपाली चाकणकर की बहन से पूछताछ

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-04-2026
Financial irregularities case against Kharat: Rupali Chakankar's sister questioned
Financial irregularities case against Kharat: Rupali Chakankar's sister questioned

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 अहिल्यानगर पुलिस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की नेता रूपाली चाकणकर की बहन प्रतिभा चाकणकर से स्वयंभू बाबा अशोक खरात द्वारा उनके बैंक खाते का कथित रूप से इस्तेमाल किए जाने के संबंध में सोमवार को पूछताछ की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
 
अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर की बहन प्रतिभा से सोमवार सुबह से अहिल्यानगर के शिरडी पुलिस थाने में पूछताछ की जा रही है। अहिल्यानगर यहां से करीब 250 किलोमीटर दूर है।
 
अधिकारी ने बताया कि समता ऋण सहकारी समिति में प्रतिभा और उनके बेटे तन्मय के नाम से खाते हैं तथा इन खातों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए उनसे पूछताछ की जा रही है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘खरात ने ऋण देने वाली दो सहकारी संस्थाओं में अलग-अलग नामों से 132 खाते खुलवाए और इनके जरिये कम से कम 62.74 करोड़ रुपये का लेन-देन किया। इनमें से एक खाता प्रतिभा चाकणकर के नाम पर खुलवाया गया था। इसका संचालन खरात करता था। इन सभी खातों में ‘नॉमिनी’ खरात था और उसका मोबाइल नंबर खाते खोलते समय विवरण रूप में उपलब्ध कराया गया था।’’
 
अधिकारी ने बताया कि खरात, उसकी पत्नी कल्पना खरात और तीन अन्य के खिलाफ भूमि हड़पने के एक मामले की जांच के दौरान इन खातों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन का पता चला।
 
उन्होंने बताया कि इन पांचों पर शिरडी के एक भू-मालिक को 5.52 करोड़ रुपये का कर्ज देने के नाम पर उसकी जमीन हड़पने का आरोप है।
 
मामले में दो बिचौलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कल्पना खरात और एक अन्य आरोपी फरार हैं।
 
अधिकारी ने बताया कि अहिल्यानगर पुलिस ने कल्पना खरात के खिलाफ ‘लुक आउट सर्कुलर’ (एलओसी) जारी किया है, क्योंकि उसके देश छोड़कर भागने की आशंका है।
 
रूपाली ने अशोक खरात से संबंध होने के आरोप सामने आने के बाद महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और राकांपा की राज्य महिला इकाई की प्रमुख के पद से पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने दावा किया था कि खरात के वित्तीय लेन-देन या कथित गलत कामों से उनका कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध नहीं है।