आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका के फारवर्ड फोलारिन बालोगुन को पिछले मुकाबले में रेड कार्ड मिलने के बावजूद सोमवार को बेल्जियम के खिलाफ विश्व कप मैच खेलने की अनुमति देने पर यूरोपीय फुटबॉल महासंघ (यूईएफए) ने फीफा की कड़ी आलोचना की है।
यूईएफए ने अपने बयान में कहा कि फीफा ने यह फैसला लेकर ‘एक ऐसी सीमा लांघ दी है, जिसे पार नहीं किया जाना चाहिए।’
महासंघ का आरोप है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद फीफा ने बालोगुन पर अनिवार्य एक मैच के प्रतिबंध को लागू नहीं किया।
यूईएफए ने कहा, ‘‘कभी-कभी नियमों की अलग-अलग व्याख्या की जा सकती है, लेकिन इस मामले में ऐसा बिल्कुल नहीं है।’’
यूएफा ने चेतावनी दी कि इस निर्णय से खेल की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं और प्रतियोगिता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।