आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मेघालय के उमरोई में पहले बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति 2026’ में 13 देशों की सेनाएं एक साथ शामिल हुईं। शनिवार को समाप्त हुए इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य उग्रवाद-रोधी अभियानों में सहयोग बढ़ाना और हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करना था।
अधिकारियों ने बताया कि दो सप्ताह तक चले इस अभ्यास में भारत, भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमा, नेपाल, फिलीपीन, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम के 400 से अधिक सैनिकों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 20 महिलाएं भी शामिल थीं। सैनिकों ने हेलीकॉप्टरों से रस्सी के सहारे उतरने, मार्गों पर आईईडी (विस्फोटक उपकरण) की पहचान करने और चट्टानी दीवारों से नीचे उतरने जैसे अभ्यास किए।
इस अभ्यास के दौरान आधुनिक और विशेष तकनीकों को सैन्य अभियानों में शामिल करने तथा उनके प्रभाव को रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं (टीटीपी) में समाहित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक ब्रिगेडियर मयूर शेकटकर ने कहा, ‘‘मेघालय के उमरोई के शांत वातावरण में ‘प्रगति’ एक विशाल अभ्यास था। इसमें रॉक क्राफ्ट, विशेष हेलीबोर्न ऑपरेशन और सामरिक परिस्थितियों से जुड़े विभिन्न विशेष अभ्यास किए गए।’’
अभ्यास के निदेशक कर्नल संदीप पुनिया ने बताया कि ‘प्रगति’ का अर्थ है ‘पार्टनरशिप ऑफ रीजनल आर्मीज फॉर ग्रोथ एंड ट्रांसफॉर्मेशन इन द इंडियन ओशन रीजन’।