आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
UP में साइकिल और पैदल यात्रा पर जोर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईंधन बचत और मितव्ययिता के आह्वान के बाद उत्तर प्रदेश में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पर्यावरण के अनुकूल आवागमन के साधन अपनाने की अनूठी पहल शुरू की है। साइकिल, ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर नेता-अधिकारी न सिर्फ खर्च घटा रहे हैं, बल्कि प्रदूषण कम करने का संदेश भी दे रहे हैं।
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।”
यादव ने इसमें एक कार्टून भी साझा किया जिसमें मोदी को यह कहते दिखाया गया है, ‘‘पेट्रोल खर्च कम करें।’’
इसी कार्टून में सपा प्रमुख को साइकिल से चलते दिखाया गया जो कह रहे हैं,‘‘हमने तो पहले ही कहा है कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं।’’
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर दे रही हैं।
इसी मुहिम में रामपुर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने व्यावहारिक कदम उठाते हुए रामपुर शहर में आवागमन के लिए तीन ई-रिक्शा खरीदे हैं। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रत्येक ई-रिक्शा की कीमत 1.37 लाख रुपये है और इन्हें बुधवार को खरीदा गया।
ये ई-रिक्शा सौर ऊर्जा से चार्ज होते हैं और एक बार चार्ज करने पर लगभग नौ घंटे चलते हैं। सक्सेना ने कहा, “यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मितव्ययिता आह्वान का पालन करते हुए उठाया गया है।”
उन्होंने यह भी बताया कि पहले उनके काफिले में 7-8 वाहन होते थे, जिन्हें घटाकर अब केवल दो कर दिया गया है। लखनऊ आने-जाने में भी वे एक ही ई-वाहन का उपयोग करने का प्रयास करेंगे।
प्रदेश में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बृहस्पतिवार को इस अभियान को जमीन पर उतारा। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना अपने सरकारी आवास से साइकिल चलाकर कार्यालय पहुंचे।