निर्वाचन आयोग कांग्रेस की आपत्तियों का समाधान करे: प्रियंक खरगे

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-06-2026
Election Commission should resolve Congress' objections: Priyank Kharge
Election Commission should resolve Congress' objections: Priyank Kharge

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ नहीं है, लेकिन निर्वाचन आयोग को कांग्रेस की आपत्तियों का पहले समाधान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना मतदाताओं के नाम सूची से हटाये नहीं जाने चाहिए।
 
कर्नाटक में एसआईआर की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी।
 
प्रियंक खरगे ने सोमवार को बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के सामने आठ आपत्तियां रखी हैं। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले ‘तार्किक विसंगति’, कानूनी नोटिस, मौखिक आदेश और न्यायाधिकरण तक पहुंच जैसे मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
 
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम यह नहीं कह रहे हैं कि एसआईआर नहीं होना चाहिए। मतदाता सूची में सुधार आवश्यक है और यह निर्वाचन आयोग का अधिकार है। इससे भी जरूरी बात यह है कि त्रृटि रहित और सही मतदाता सूची उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है।’’
 
प्रियंक ने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला।
 
उन्होंने कहा, ‘‘आप (निर्वाचन आयोग) किसी व्यक्ति को सिर्फ वर्तनी में गलती की वजह से मतदान करने के अधिकार से वंचित नहीं कर सकते।’’।
उन्होंने कहा कि उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना मतदाताओं के नाम सूची से हटाये नहीं जाने चाहिए।
 
कर्नाटक में एसआईआर की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी।
 
प्रियंक खरगे ने सोमवार को बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के सामने आठ आपत्तियां रखी हैं। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले ‘तार्किक विसंगति’, कानूनी नोटिस, मौखिक आदेश और न्यायाधिकरण तक पहुंच जैसे मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
 
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम यह नहीं कह रहे हैं कि एसआईआर नहीं होना चाहिए। मतदाता सूची में सुधार आवश्यक है और यह निर्वाचन आयोग का अधिकार है। इससे भी जरूरी बात यह है कि त्रृटि रहित और सही मतदाता सूची उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है।’’
 
प्रियंक ने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला।
 
उन्होंने कहा, ‘‘आप (निर्वाचन आयोग) किसी व्यक्ति को सिर्फ वर्तनी में गलती की वजह से मतदान करने के अधिकार से वंचित नहीं कर सकते।’’।