drinking water shortage in Churu, Sikar and Jhunjhunu.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राजस्थान में वर्ष 1994 से लंबित अपर यमुना नदी बोर्ड (यूवाईआरबी) समझौते के क्रियान्वयन से शेखावाटी के शुष्क क्षेत्र चूरू, सीकर और झुंझुनूं को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
यमुना का पानी उपलब्ध होने से इस क्षेत्र में पेयजल के लिए भूजल पर निर्भरता कम होगी।
नयी दिल्ली में सोमवार को राजस्थान और हरियाणा के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) से पहले चरण में सूखाग्रस्त चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को पेयजल उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया।
शेखावाटी क्षेत्र, राजस्थान के सबसे अधिक जल संकट वाले क्षेत्रों में से एक माना जाता है।
राज्य के जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पानी चूरू जिले में प्रस्तावित बड़े जलाशय तक पहुंचाया जाएगा, जहां से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) चूरू, सीकर और झुंझुनूं में पेयजल आपूर्ति करेगा।
उन्होंने बताया कि यह एमओयू परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अधिकारियों के अनुसार, कम वर्षा, भूजल का अत्यधिक दोहन और लगातार गिरते जलस्तर के कारण शेखावाटी लंबे समय से गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है।