आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर में बुधवार को पूरे उत्साह के साथ ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग ईदगाहों, मस्जिदों और दरगाहों में नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
श्रीनगर में हजरतबल दरगाह में सबसे अधिक भीड़ देखी गई, जहां 60,000 से अधिक लोगों ने ईद की नमाज अदा की। यहां मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी नमाज अदा करने वालों में शामिल थीं।
घाटी की अन्य मस्जिदों और दरगाहों में भी लोग नमाज के लिए पहुंचे, लेकिन पुराने शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में नमाज की अनुमति नहीं दी गई।
अधिकारियों ने अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद को ईदगाह मैदान या नौहट्टा में स्थित ऐतिहासिक मस्जिद में नमाज आयोजित करने की अनुमति नहीं दी।
घाटी भर में परंपरा के अनुसार हजारों भेड़-बकरी और अन्य जानवरों की कुर्बानी दी गई।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मुस्लिम समुदाय को ईद की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह अवसर प्रेम, करुणा और क्षमा जैसे मूल्यों को अपनाने की याद दिलाता है।