आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने मंगलवार को विधानसभा को बताया कि नयी नीति के तहत एक अगस्त 2026 से ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अधिवास प्रमाणपत्र जरूरी कर दिया जाएगा।
सरनाइक ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियमों का प्रस्ताव मंजूरी के लिए कानून और न्याय विभाग को भेजा गया है और जरूरी मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक दिलीप लांडे के एक सवाल के जवाब में मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अनधिकृत बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। साथ ही, इस क्षेत्र को कानूनी मान्यता देने और उसे नियंत्रित करने के लिए एक नियामक ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे राज्य को राजस्व प्राप्त हो सके और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।
प्रस्तावित नीति के तहत बाइक टैक्सी संचालकों को सरकार को हर दिन पांच रुपये का शुल्क देना होगा। इसके अलावा, हर यात्रा से दो रुपये चालकों के कल्याण कोष में जमा किए जाएंगे।
सरनाइक ने कहा कि जो चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करेंगे या गैर-कानूनी तरीके से वाहन चलाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम, 2025 में महिलाओं, छात्रों और नाबालिग यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खास प्रावधान शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि बाइक टैक्सी चालकों के पास मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत एक वैध ड्राइविंग लाइसेंस और महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत सार्वजनिक सेवा वाहन बैज होना जरूरी होगा। बैज जारी करने से पहले पुलिस से चरित्र प्रमाणपत्र प्राप्त करना भी अनिवार्य होगा।