आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए डीटीसी बसों में सशस्त्र महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल बसों के भीतर ही नहीं, बल्कि बस स्टॉप, डिपो और मेट्रो स्टेशनों से उनके अंतिम गंतव्य तक भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
महिला सुरक्षा की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल ने परिवहन विभाग को इस संबंध में दिल्ली पुलिस से समन्वय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और निर्भय वातावरण मिलना चाहिए।
बैठक में 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' योजना, बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन की स्थिति, कंट्रोल सेंटर के संचालन, बस मार्शलों की व्यवस्था तथा परिवहन सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी की समीक्षा की गई। उपराज्यपाल ने सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि इसे सभी सार्वजनिक परिवहन साधनों में लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को निर्बाध यात्रा सुविधा मिल सके।
संधू ने परिवहन क्षेत्र में महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया। वर्तमान में डीटीसी में 1,002 महिला कंडक्टर और 77 महिला चालक कार्यरत हैं। उन्होंने इस संख्या को और बढ़ाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, अधिकारियों को ई-वाहनों के माध्यम से अंतिम चरण की कनेक्टिविटी मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उनका मानना है कि ई-रिक्शा, कैब और ऑटो सेवाओं को जोड़कर दूरदराज और उपेक्षित इलाकों तक महिलाओं की सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है।
बैठक में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और डीटीसी प्रबंधन ने भी भाग लिया।