सहकारी संस्थाओं को और अधिक मजबूत करने की राज्यसभा में उठी मांग

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 12-08-2026
Demand raised in Rajya Sabha to further strengthen cooperative institutions
Demand raised in Rajya Sabha to further strengthen cooperative institutions

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
राज्यसभा में बुधवार को विभिन्न दलों के सदस्यों ने सहकारी संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की जरूरत को रेखांकित करते हुए कहा कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में इन संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

सहकारिता क्षेत्र को नयी दिशा देने और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) को बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लाये गए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा के रामराव सखाराम वडकुते ने कहा कि सहकारी संस्थाओं से किसानों को बहुत मदद मिलती है क्योंकि उन्हें बीज से लेकर बाजार तक बहुत कुछ चाहिए। ‘‘यह विधेयक सहकारी संस्थाओं को मजबूत करेगा और निश्चित रूप से किसानों को इससे बहुत मदद मिलेगी।’’
 
वडकुते ने मांग की कि सीमांत किसानों को सहकारी संस्थाओं का लाभ मिले, तथा सहकारिता में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। ‘‘यह विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’
 
सहकारिता मंत्री अमित शाह की ओर से उच्च सदन में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक 2026 को सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पेश किया।
 
विधेयक पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए बीजू जनता दल की सुलता देव ने कहा ‘‘हर राज्य, जिले, गांव में सहकारी सोसायटी अलग-अलग होती हैं। सहकारी आंदोलन गांवों और राज्यों से शुरू हुआ था। लेकिन आज गांवों से लेकर राज्यों तक, पूरे अधिकार केंद्र को क्यों दिए जा रहे हैं?’’