आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को धुंध की घनी चादर छाई रही, जिससे वायु गुणवत्ता में तेज गिरावट आने के साथ एक्यूआई 391 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी के करीब है।
दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 30 पर सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि शेष केंद्रों पर यह बेहद खराब श्रेणी में रही।
रोहिणी में सबसे अधिक 475 एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) दर्ज किया गया, जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में यह 472 रहा।
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, दिल्ली में शुक्रवार को इस मौसम का पहला ऐसा दिन रहने की आशंका है, जब वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच जाएगी और इसके आठ नवंबर यानी दिवाली तक इसी स्थिति बने रहने का अनुमान है।
यह पूर्वानुमान ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पराली जलाने का दौर चरम पर है। वहीं, दिवाली पर पटाखों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण के स्तर को और बढ़ा सकता है।