दिल्ली पुलिस ने बलात्कार के आरोपी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रत्यर्पित कराया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 05-11-2026
Delhi Police extradite rape accused from UAE
Delhi Police extradite rape accused from UAE

 

नई दिल्ली 
 
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूनिट ने इंटरपोल (INTERPOL), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), गृह मंत्रालय (MHA) और विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी से बलात्कार के एक आरोपी को प्रत्यर्पित कराकर वापस भारत लाने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान केरल के कन्नूर निवासी और 'जॉयलुकास' (Joyalukkas) में सीनियर मैनेजर, सजीर पल्ली मूप्पन उर्फ ​​सजीर पीएम (38) के रूप में हुई है। उसे अबू धाबी से प्रत्यर्पित करके 4 नवंबर, 2026 को भारत लाया गया, ताकि वह 20 वर्षीय महिला के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में मुकदमे का सामना कर सके। दिल्ली पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर, 2025 की रात दिल्ली के पंजाबी बाग स्थित एक लाउंज में कंपनी कर्मचारियों की बर्थडे पार्टी के दौरान, आरोपी ने कथित तौर पर महिला को शराब और नशीले पदार्थ दिए और फिर उसका यौन उत्पीड़न किया।
 
शिकायत के मुताबिक, कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम करने वाले आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता को शराब और नशीले पदार्थ दिए। इसके बाद वह उसे करोल बाग के एक होटल में ले गया, जहां 2 अक्टूबर, 2025 की तड़के उसने पीड़िता की मर्जी के खिलाफ उसका यौन उत्पीड़न किया। यह भी आरोप है कि होटल में चेक-इन करते समय, पीड़िता की पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने किसी तीसरे व्यक्ति के पहचान दस्तावेज दिए थे।
घटना के बाद, महिला ने सबसे पहले कंपनी प्रबंधन को इस बारे में सूचित किया। 4 अक्टूबर, 2025 को प्रबंधन ने आरोपी को 'शो-कॉज नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) जारी किया और 'प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरासमेंट' (POSH) फ्रेमवर्क के तहत अपनी आंतरिक समिति (Internal Committee) के जरिए जांच शुरू की। हालांकि, आरोपी इस आंतरिक जांच में शामिल नहीं हुआ।
 
संभावित कानूनी कार्रवाई के डर से, आरोपी 4 अक्टूबर, 2025 से ही कंपनी से गायब हो गया और कथित तौर पर देश छोड़कर भागने की योजना बनाने लगा। इसके बाद, 18 दिसंबर 2025 को पीड़िता ने कंपनी के अधिकारियों को ईमेल के जरिए एक और औपचारिक शिकायत भेजी। इस बीच, अपने यात्रा दस्तावेज तैयार करवाकर, आरोपी 5 जनवरी 2026 को भारत से भाग गया और बाद में दुबई, UAE में प्लंबिंग के सामान की एक दुकान पर काम करने लगा। 18 फरवरी 2026 को पीड़िता ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर, करोल बाग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 64(1), 123, 319 और 3(5) के तहत FIR नंबर 237/26 दर्ज की गई और मामले की जांच शुरू हुई।
 
जांच के दौरान, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार उसका बयान दर्ज किया गया। जांच टीम ने पंजाबी बाग के लाउंज और करोल बाग के होटल से जरूरी तकनीकी और दस्तावेजी सबूत जुटाए। घटनाओं के क्रम को स्थापित करने और आरोपों की पुष्टि करने के लिए होटल के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, पहचान दस्तावेज और अन्य संबंधित सामग्री को भी रिकॉर्ड में शामिल किया गया।
शुरुआत में, करोल बाग पुलिस स्टेशन की एक टीम ने आरोपी को खोजने के लिए काफी प्रयास किए और उसकी तलाश में केरल तक गई। केरल में जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पहले ही भारत छोड़ चुका था। आगे की तकनीकी जांच से यह स्पष्ट हुआ कि वह 5 जनवरी 2026 को UAE चला गया था।
 
आरोपी के देश से भाग जाने को देखते हुए, उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खोजने के लिए 30 अप्रैल 2026 को 'भारतपोल' (BHARATPOL) के माध्यम से इंटरपोल (INTERPOL) को एक सूचना भेजी गई। आरोपी के प्रत्यर्पण (extradition) को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई, जिसका काम जरूरी शुरुआती तैयारी करना, आवश्यक दस्तावेज तैयार करना और CBI तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करना था।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार प्रयासों और समन्वय के जरिए, आरोपी के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में होने का पता चला। 'घोषित अपराधी' (PO) से जुड़ी जरूरी कार्यवाही पूरी होने के बाद, 7 जुलाई 2026 को इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' (RCN) जारी किया गया।
 
जांच टीम ने प्रत्यर्पण (extradition) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और जरूरी कानूनी व प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए CBI, इंटरपोल, गृह मंत्रालय (MHA), विदेश मंत्रालय (MEA), ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BOI) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार तालमेल बनाए रखा।
 
टीम ने 'भारतपोल' (BHARATPOL) का भी इस्तेमाल किया। यह CBI द्वारा विकसित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इंटरपोल से जोड़ता है। यह प्लेटफॉर्म अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग, सूचनाओं के सुरक्षित आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहायता के अनुरोधों (जिसमें इंटरपोल नोटिस जारी करना भी शामिल है) में मदद करता है।
 
जरूरी कानूनी कार्यवाही पूरी होने के बाद, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में सक्षम प्राधिकारी ने 9 अक्टूबर 2026 को प्रत्यर्पण अनुरोध को मंजूरी दे दी।
 
इसके बाद, 31 अक्टूबर 2026 को तीन सदस्यों की एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई, जिसमें इंस्पेक्टर कपिल खोखर, सब-इंस्पेक्टर काजल त्यागी और सब-इंस्पेक्टर संदीप शामिल थे। इस टीम को UAE भेजा गया ताकि जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें और आरोपी को वापस लाया जा सके।