Bihar: Surprise inspection conducted at Siwan divisional jail; mobile phone batteries and watch straps recovered
सिवान (बिहार)
सिवान जिला मजिस्ट्रेट विजय प्रकाश मीणा ने बताया कि गुरुवार को जिला प्रशासन की टीम के साथ सिवान मंडल कारागार (डिविजनल जेल) में एक औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान मोबाइल फोन की बैटरी और घड़ी के स्ट्रैप जैसी कुछ चीजें बरामद की गईं। मीणा ने बताया कि यह निरीक्षण एक अनिवार्य प्रक्रिया के तहत किया गया था, जिसमें जेल परिसर के हर हिस्से और अलग-अलग कोठरियों (सेल्स) की अच्छी तरह से जांच की गई और उन्हें सैनिटाइज किया गया।
उन्होंने कहा, "मैंने अपनी पूरी टीम के साथ मंडल कारागार का औचक निरीक्षण किया। इस तरह के निरीक्षण अनिवार्य होते हैं, और हमने इसके लिए आज का दिन चुना। हर कोठरी और पूरे परिसर को अच्छी तरह से सैनिटाइज किया गया और उनकी जांच की गई। इस प्रक्रिया के दौरान, हमें कुछ चीजें मिलीं, जिनमें मोबाइल फोन की बैटरी और घड़ी के स्ट्रैप शामिल हैं। इसके अलावा, कुल मिलाकर स्थिति संतोषजनक है।" उन्होंने बताया कि जेल में कैदियों की संख्या उसकी क्षमता से 10 से 20 प्रतिशत अधिक है, लेकिन बाकी सभी व्यवस्थाएं आधिकारिक जेल नियमावली (जेल मैनुअल) के अनुसार पाई गईं। उन्होंने कहा, "जेल में सीसीटीवी निगरानी और चिकित्सा देखभाल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। हालांकि जेल में क्षमता से लगभग 10% से 20% अधिक कैदी हैं, लेकिन अन्य व्यवस्थाएं आधिकारिक नियमावली के अनुरूप पाई गईं। हम अभी जब्त की गई चीजों और आगे की जाने वाली कार्रवाई के बारे में विस्तार से चर्चा कर रहे हैं।"
जिला मजिस्ट्रेट ने आगे बताया कि जेल के सभी हिस्सों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 'ब्लाइंड स्पॉट' (जहां सीसीटीवी की नजर नहीं पहुंचती) और अधिक जोखिम वाले (हाई-रिस्क) इलाके भी शामिल थे। मीणा ने कहा, "कोठरियों, आइसोलेशन यूनिट, साफ-सफाई की सुविधाओं, मेडिकल वार्ड और बच्चों या एचआईवी संक्रमित लोगों के लिए बने सेक्शन सहित जेल के हर हिस्से को पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया है। हमने हर कोने की जांच की है, जिसमें संभावित 'ब्लाइंड स्पॉट' या अधिक जोखिम वाले इलाके भी शामिल हैं।" उन्होंने बताया कि उन्होंने और अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं, डॉक्टरों की ड्यूटी रोटेशन (बारी-बारी से) के आधार पर लगाने को कहा है, और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से खाने की गुणवत्ता की जांच कराने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा, "सीसीटीवी कैमरे पहले से ही लगे हुए हैं, और मैंने जहां जरूरत हो, वहां और कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। मैंने यह भी निर्देश दिया है कि डॉक्टरों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर लगाई जाए और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा खाने की गुणवत्ता की जांच और पुष्टि की जाए।" मीना ने आगे बताया कि प्रशासन ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) और उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) की देखरेख में एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की है। उन्होंने कहा, "नियमित छापेमारी एक अनिवार्य और औपचारिक प्रक्रिया है। हमने एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ADM और SDM की देखरेख में ये छापेमारी लगातार होती रहें।"